राष्ट्रीय
30-May-2026


-पीएम मोदी की अपील का भी ग्राहकों के मूड पर काफी असर पड़ा नई दिल्ली,(ईएमएस)। केंद्र सरकार द्वारा सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले के बाद देश में सोने की डिमांड में बड़ी गिरावट आई है। बता दें अमेरिका और ईरान के बीच जंग की वजह से बिगड़े हालात के बीच पीएम मोदी ने आम जनता से सोने की खरीदारी को एक साल तक टालने की अपील की थी। इसके बाद से ही सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाने का फैसला लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आंकड़े बता रहे हैं कि 13 मई के बाद भारत में सोने की मांग में करीब 70फीसदी की गिरावट आई है। इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक 27 मई को खत्म हुए पखवाड़े में सोने की मांग गिरकर करीब 7.5 टन रह गई जबकि एक साल पहले यह करीब 25 टन थी। दरअसल, सरकार ने 13 मई से सोने पर आयात शुल्क को 6फीसदी से बढ़ाकर 15फीसदी कर दिया था। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि पूरे भारत के जौहरियों से मिल रही रिपोर्टों से पता चलता है कि आयात शुल्क बढ़ाए जाने के बाद सोने की मांग में 70फीसदी की गिरावट आई है। उन्होंने आगे कहा कि असंगठित व्यापार इस शुल्क बढ़ोतरी से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है। बता दें इसका सोने के कुल व्यापार में 65फीसदी हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की ज्यादा कीमतें और खाने-पीने की चीजों के महंगे होने का भी ग्राहकों के मूड पर असर पड़ रहा है क्योंकि वे अभी सोने पर खर्च करने को तैयार नहीं हैं। सोने के गहनों की रिटेल चेन जॉयअलुक्कास के चेयरमैन ने मांग में आई इस कमी की वजह कई कारणों को बताया। उन्होंने पीएम मोदी की अपील को भी इसका एक कारण बताया। उनके मुताबिक पीएम मोदी की एक साल तक सोने से दूर रहने की अपील का भी ग्राहकों के मूड पर काफी असर पड़ा है। मांग 35फीसदी से भी ज्यादा गिर गई है। हमें पक्का नहीं पता कि यह और भी कम होगी या नहीं। जानकारों के मुताबिक अधिक मास के चलते भी कई लोग सोना खरीदने से बच रहे हैं। बता दें ड्यूटी बढ़ने के बाद सोने पर लगने वाला प्रभावी टैक्स का बोझ 9.18फीसदी से बढ़कर 18.45फीसदी हो गया है। सरकार ने कमजोर रुपए, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के चलते ड्यूटी बढ़ाई है। इसके साथ ही आयात के नियमों को भी सख्त किया है और एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत ड्यूटी-फ्री आयात की सीमा तय की है। सिराज/ईएमएस 30मई26