मुंबई, (ईएमएस)। दक्षिण मुंबई के पायधुनी इलाके से मेडिकल लापरवाही का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मोहम्मद अली रोड स्थित नूर अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती एक महिला के पेट में ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल किया गया कॉटन गॉज का टुकड़ा ही छोड़ दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद अस्पताल और संबंधित डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, 10 मई को महिला की डिलीवरी नूर अस्पताल में डॉक्टर आनम सैयद की निगरानी में हुई थी। प्रसव के बाद 14 मई को महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। लेकिन घर लौटने के कुछ दिनों बाद ही महिला को तेज बुखार और पेट में लगातार दर्द की शिकायत होने लगी। परिजनों ने महिला को दोबारा उसी अस्पताल में दिखाया, जहां उसे सामान्य उपचार देकर वापस भेज दिया गया। हालांकि उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और दर्द लगातार बढ़ता गया। इसके बाद परिवार ने महिला को दूसरे अस्पताल में दिखाने का फैसला किया। दूसरे अस्पताल में कराए गए सिटी स्कैन में जो खुलासा हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया। जांच में पता चला कि डिलीवरी के दौरान इस्तेमाल किया गया कॉटन गॉज का एक टुकड़ा महिला के पेट के अंदर ही रह गया था। यही उसकी तकलीफ का मुख्य कारण था। मामला सामने आने के बाद नूर अस्पताल प्रशासन ने महिला को फिर से भर्ती कर लिया। आरोप है कि अस्पताल ने महिला के पति शमसाद अली सैयद को एक इंजेक्शन लाने के लिए बाहर भेजा और कुछ ही देर बाद फोन कर बताया कि उनकी पत्नी का तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा। अचानक ऑपरेशन की बात सुनकर पति को संदेह हुआ। उन्होंने डॉक्टरों से स्थिति की जानकारी और मेडिकल रिपोर्ट मांगी, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद शमसाद अली सैयद खुद अस्पताल पहुंचे और पत्नी के सभी मेडिकल दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। जब उन्होंने ये रिपोर्ट अपने परिचित डॉक्टर को दिखाईं, तब पूरे मामले की सच्चाई सामने आई। रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि महिला के पेट में ऑपरेशन के दौरान कॉटन गॉज का टुकड़ा छोड़ दिया गया था। सच्चाई सामने आने के बाद शमसाद अली सैयद ने तत्काल ऑपरेशन रुकवाया और पायधुनी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पहले महिला का इलाज कराने की सलाह दी। इसके बाद शुक्रवार रात महिला की दोबारा सर्जरी की गई और उसके पेट में फंसा कॉटन गॉज का टुकड़ा निकाल दिया गया। फिलहाल महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित डॉक्टर तथा अस्पताल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। बहरहाल इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा प्रक्रियाओं की निगरानी को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। संजय/संतोष झा- ३० मई/२०२६/ईएमएस