- चिरईडोंगरी का मयंक श्रीवास चढ़ा पुलिस के हत्थे, सूने और खुले दरवाजों का फायदा उठाकर करता था चोरी, साइबर सेल की मदद से खुलासा मंडला (ईएमएस)। जिला मुख्यालय की कोतवाली पुलिस ने शहर में सक्रिय मोबाइल चोरों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) मंडला श्री राजेश रघुवंशी के कुशल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व एसडीओपी मंडला के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने मोबाइल चोरी की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के 06 कीमती मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। जानकारी अनुसार मंडला जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से रात के समय चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। चोर अक्सर उन घरों को निशाना बना रहा था जिनके दरवाजे या खिड़कियां रात में खुली रह जाती थीं। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस ने सघन पतासाजी शुरू की और साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की पहचान मयंक श्रीवास (पिता भद्दूलाल श्रीवास) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से चिरईडोंगरी (तहसील बम्हनी) का निवासी है और वर्तमान में स्वामी सीताराम वार्ड, मंडला में रह रहा था। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह रात के समय रेकी करता था और जिन घरों के दरवाजे खुले मिलते थे, वहां अंदर घुसकर मोबाइल फोन पार कर देता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की तैयारी कर ली है। साथ ही अन्य चोरी की वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है, जिससे और भी खुलासे होने की संभावना है। इस कामयाबी के बाद मंडला पुलिस ने आम नागरिकों से सुरक्षा को लेकर विशेष अपील की है। पुलिस ने कहा है कि भीषण गर्मी के मौसम में अक्सर लोग घरों के दरवाजे या खिड़कियां खुली छोड़कर सो जाते हैं, जो चोरों के लिए मौका बन जाता है। इसलिए रात्रि में सोते समय अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां अच्छी तरह बंद रखें तथा मोबाइल व अन्य कीमती सामान सुरक्षित स्थानों पर ही रखें। इस सफल कार्रवाई में एसडीओपी मंडला श्री पीयूष मिश्रा के नेतृत्व में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शफीक खान, सउनि भुवनेश्वर वामनकर, वंदना नाग, प्रधान आरक्षक मोहन कुडापे, आरक्षक रमेश, प्रियांश, मृदुल एवं यमुना की मुख्य भूमिका रही। वहीं, आरोपी को ट्रैक करने में साइबर सेल से पुनीत, धीरेन्द्र एवं मधुर का विशेष और सराहनीय योगदान रहा। ईएमएस/मोहने/ 31 मई 2026