दमोह (ईएमएस)। श्री जगदीश स्वामी मंदिर पुराना थाना पुरेना तालाब दमोह में चल रही श्रीमद् भागवत पुराण में आज कथा व्यास किशोरी वैष्णवी गर्ग जी द्वारा श्रीकृष्ण- रुक्मिणी विवाह छठे दिन के मुख्य प्रसंग में विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी और द्वारकाधीश श्रीकृष्ण का विवाह संपन्न होता है *।लक्ष्मी-नारायण का संबंध:* कथा व्यास किशोरी वैष्णवी गर्ग जी ने बताया कि रुक्मिणी जी साक्षात लक्ष्मी जी का स्वरूप हैं। यदि मनुष्य अपनी संपत्ति (लक्ष्मी) का उपयोग भगवान के कार्य या परोपकार (धर्म) में नहीं करता है, तो वह धन चोरी या बीमारी जैसे माध्यमों से नष्ट हो जाता है *।महारास का रहस्य:* इस दिन गोपियों के निष्काम प्रेम और समर्पण को दर्शाने वाले महारास का वर्णन किया। यह प्रसंग जीव और परमात्मा के मिलन (आध्यात्मिक मिलन) का प्रतीक है। *पुरुषोत्तम मास माहात्म्य* : कथा में गोलोक में भगवान विष्णु और अधिक मास के संवाद का प्रसंग आता है। स्वयं भगवान कृष्ण अधिक मास को अपना पुरुषोत्तम नाम प्रदान करते हैं।दान का विशेष फल: इस पवित्र मास में श्रीमद् भागवत श्रवण, जप, और दान (विशेषकर अन्न दान) करने से सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है।यह दिन मन की शुद्धि और सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर प्रभु प्रेम में लीन होने की प्रेरणा देता है। पुरुषोत्तम मास में इन कथाओं और प्रसंगों का श्रवण जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश करने वाला माना गया है। मुख्य यजमान समस्त भक्तजन श्री जगदीश स्वामी मंदिर पुराना थाना दमोह। ईएमएस/ मोहने/ 31 मई 2026