:: न्यायाधीश हिमांशु जोशी और आनंद सिंह बहरावत को अहिल्या गौरव सम्मान, डेढ़ सौ कलाकारों ने किया वंदे मातरम् का सामूहिक वादन :: इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर का जीवन भारतीय संस्कृति, सुशासन, लोककल्याण और धर्म संरक्षण का अद्वितीय उदाहरण है। उनकी 301वीं जयंती के अवसर पर आयोजित विविध कार्यक्रमों में शामिल होकर उन्हें मालवा और भारत के गौरवशाली इतिहास का पुण्य स्मरण हुआ। एक कठिन कालखंड में महारानी अहिल्याबाई ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, न्यायप्रियता और जनसेवा के माध्यम से ऐसे आदर्श स्थापित किए, जो आज भी रामराज्य की भावना का प्रत्यक्ष अनुभव कराते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को गांधी हॉल परिसर में आयोजित भव्य एवं ऐतिहासिक सांस्कृतिक समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इंदौर में लोकमाता की जयंती पूर्ण उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई। समारोह का मुख्य आकर्षण लगभग 150 कलाकारों द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का सामूहिक वादन रहा, जिसने उपस्थित जनसमुदाय में राष्ट्रभक्ति का ज्वार जगा दिया। इस अवसर पर आयोजित भजन जेमिंग मेले में विभिन्न मंडलियों की भक्तिमय प्रस्तुतियों से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी और न्यायमूर्ति आनंद सिंह बहरावत को प्रतिष्ठित अहिल्या गौरव सम्मान से विभूषित किया। इसके साथ ही उत्सव के तहत आयोजित फोटोग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। :: स्मृतियों को चिरस्थायी बना रहा अहिल्या लोक :: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इंदौर में उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए अहिल्या लोक विकसित किया जा रहा है। सरकार ने उनकी 300वीं जयंती के अवसर पर महेश्वर और राजवाड़ा में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित कर विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की थी, साथ ही प्रदेश की एक पुलिस बटालियन का नाम भी महारानी के नाम पर रखा गया है। उन्होंने सोमनाथ, काशी विश्वनाथ और महाकाल सहित अनेक देवस्थानों के पुनर्निर्माण में लोकमाता के योगदान को भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का महत्वपूर्ण अध्याय बताया। लोकतंत्र में न्यायपालिका की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने न्यायिक निर्णयों के प्रति सम्मान को लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार कहा। :: डिजिटल सिटी के रूप में उभरा इंदौर :: इसके पूर्व, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्वागत भाषण देते हुए इंदौर नगर निगम की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इंदौर ने डिजिटल सिटी का एक नया मॉडल देश के सामने रखा है। इंदौर देश की पहली ऐसी नगर निगम बनी है जिसने अपना 60 मेगावाट का सोलर पार्क स्थापित किया है। इसके अतिरिक्त, डिस्कॉम के सहयोग से शहर की 31 हजार छतों पर सोलर रूफटॉप लगाकर लगभग 233 मेगावाट बिजली उत्पादन का कीर्तिमान भी रचा गया है। लोकमाता की जनभागीदारी की प्रेरणा से ही इंदौर ने सफाई व्यवस्था के डिजिटलीकरण और कचरा प्रबंधन में अनेक नवाचार किए हैं। समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायकगण, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा एवं नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। प्रकाश/31 मई 2026