क्षेत्रीय
01-Jun-2026


भिवंडी, (ईएमएस)। अमृत अभियान 2.0 के तहत भिवंडी-निजामपुर शहर की विस्तारित जलापूर्ति योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद भिवंडी के लगभग 15 लाख नागरिकों को पर्याप्त और नियमित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। परियोजना के लिए आवश्यक जलवाहिनी (पाइपलाइन) बिछाने हेतु भूमि पट्टे पर देने से संबंधित सभी अड़चनें अगले 10 दिनों के भीतर दूर कर दी जाएंगी। यह आश्वासन मुंबई महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने दिया है। इस बात की जानकारी भिवंडी पूर्व के समाजवादी पार्टी विधायक रईस शेख ने दी। दरअसल मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में विधायक रईस शेख, अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर, भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका के आयुक्त अनमोल सागर, उपमहापौर तारिक मोमीन, जलापूर्ति अभियंता संदीप पटनवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में परियोजना की प्रगति और भूमि हस्तांतरण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। विधायक रईस शेख ने कहा कि पूर्व में भिवंडी महानगरपालिका ने मुंबई शहर की जलापूर्ति परियोजनाओं में सहयोग किया था। अब भिवंडी की जलापूर्ति योजना के लिए पाइपलाइन बिछाने हेतु बीएमसी की स्वामित्व वाली भूमि की आवश्यकता है। इस संबंध में भूमि को पट्टे पर देने का प्रस्ताव 25 अक्टूबर 2024 को प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने बताया कि संयुक्त बैठकें, स्थल निरीक्षण, नक्शों की तैयारी, भूमि सीमांकन और सभी आवश्यक तकनीकी दस्तावेजों का कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल अंतिम प्रशासनिक मंजूरी और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शेष है। बीएमसी अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सभी लंबित अड़चनों को शीघ्र दूर कर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। भिवंडी शहर की वर्षों पुरानी जल संकट की समस्या के स्थायी समाधान के रूप में इस परियोजना को देखा जा रहा है। नगर प्रशासन राज्य सरकार, मुंबई मनपा और संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाकर परियोजना को गति देने का प्रयास कर रहा है। अब तक परियोजना के लिए लगभग 75 प्रतिशत मंजूरियां प्राप्त हो चुकी हैं। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होते ही अगले दो वर्षों में परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 426 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का निर्माण भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। परियोजना का डिजाइन भिवंडी की संभावित 15 लाख 84 हजार आबादी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके तहत पिसे बांध स्रोत, बीएनसी टैपिंग स्रोत और स्टेम पाइपलाइन चैनल के माध्यम से भिवंडी को प्रतिदिन 273 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना में जैकवेल, ओवरहेड पंप हाउस, जल शुद्धिकरण केंद्र, जल संतुलन टंकियां, विद्युत केंद्र, नदियों और नालों पर पुलों का निर्माण तथा पंप हाउस स्थापित किए जाएंगे। साथ ही लगभग 24 किलोमीटर लंबी, 1321 मिमी व्यास और 12 मिमी मोटाई वाली स्टील पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी। मनपा अधिकारियों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद भिवंडी शहर में पेयजल आपूर्ति की स्थिति में व्यापक सुधार होगा और लाखों नागरिकों को लंबे समय तक राहत मिलेगी। संतोष झा- ०१ जून/२०२६/ईएमएस