क्षेत्रीय
01-Jun-2026


‎मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई के पवई स्थित आईआईएम मुंबई परिसर में शनिवार देर रात एक पुराने क्लोरीन गैस सिलेंडर से रिसाव होने के कारण हड़कंप मच गया। इस घटना में मुंबई महानगरपालिका के तीन सुरक्षा गार्ड और मुंबई फायर ब्रिगेड के तीन जवान मामूली रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार रात करीब 11 बजे आईआईएम मुंबई परिसर में स्थित एक बंद पड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में हुई। यहां एक पुराना और जंग लगा हुआ लगभग 400 किलोग्राम क्षमता का क्लोरीन गैस सिलेंडर रखा हुआ था, जिससे अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया। मनपा अधिकारियों के मुताबिक, सबसे पहले भांडुप जल शोधन केंद्र के तीन सुरक्षा गार्डों को गैस की गंध महसूस हुई। यह केंद्र आईआईएम मुंबई परिसर से सटा हुआ है। गार्ड जब रिसाव के स्रोत की जांच करने पहुंचे तो गैस के संपर्क में आने से उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई और वे प्रभावित हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम विशेष हेजमैट वाहन के साथ मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में गैस रिसाव के सटीक स्थान का पता लगाने में कुछ समय लगा, क्योंकि रिसाव एक गैर-कार्यरत और लंबे समय से बंद पड़े एसटीपी प्लांट से हो रहा था। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि गैस रिसाव को रोकने के लिए जवानों ने विशेष श्वसन उपकरण पहनकर सिलेंडर को सील करने का प्रयास किया। हालांकि सिलेंडर अत्यधिक जंग खाया हुआ होने के कारण रिसाव को सीधे बंद करना संभव नहीं हो सका। इसके बाद विशेषज्ञ टीम ने रासायनिक प्रक्रिया अपनाते हुए कॉस्टिक सोडा और पानी का उपयोग कर क्लोरीन गैस को निष्क्रिय (न्यूट्रलाइज) किया। कई घंटों की मेहनत के बाद तड़के तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई। राहत और बचाव अभियान के दौरान फायर ब्रिगेड के तीन जवान भी गैस के प्रभाव से प्रभावित हुए और उन्हें सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल में निगरानी में रखा गया, बाद में उनकी स्थिति सामान्य होने पर छुट्टी दे दी गई। बीएमसी के तीनों सुरक्षा गार्डों को भी उपचार के बाद घर भेज दिया गया। आईआईएम मुंबई के निदेशक मनोज तिवारी ने कहा कि यह एक मामूली घटना थी, जिसे समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। उन्होंने कहा कि परिसर में स्थित पुराने और परित्यक्त एसटीपी प्लांट में लगभग 10 से 12 वर्ष पुराना क्लोरीन गैस सिलेंडर पड़ा हुआ था। देर रात रिसाव की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई और फायर ब्रिगेड के सहयोग से स्थिति पर काबू पा लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि फायर ब्रिगेड द्वारा दिए गए सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन किया जा रहा है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाएंगी। घटना के बाद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने पुराने रासायनिक सिलेंडरों और खतरनाक पदार्थों के सुरक्षित निपटान की आवश्यकता पर भी जोर दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। स्वेता/संतोष झा- ०१ जून/२०२६/ईएमएस