क्षेत्रीय
01-Jun-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। जिले में लगातार मिल रही अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और खराब ट्रांसफार्मरों की शिकायतों को लेकर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू का गुस्सा शनिवार को खुलकर सामने आ गया। संभागीय और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट चेतावनी दी कि अब भी हालात नहीं सुधरे तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। पत्रकारों की मौजूदगी में हुई बैठक में तोखन साहू ने कहा कि बिलासपुर जैसे शहर में बिजली संकट की शिकायतें लगातार मिलना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग अघोषित कटौती से परेशान हैं, जबकि विभाग लगातार बेहतर बिजली आपूर्ति के दावे करता रहा है। कार्यालय में बैठकर आखिर अधिकारी करते क्या हैं? बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से सीधे सवाल किया कि जब जनता लगातार परेशान है तो विभाग की ओर से समय रहते समस्याओं की जानकारी क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यदि मैनपावर की कमी है, ट्रांसफार्मरों की समस्या है या तकनीकी बाधाएं हैं तो इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी। तोखन साहू ने कहा कि यदि अधिकारी व्यवस्था पर नियंत्रण नहीं रख पा रहे हैं तो उन्हें अपनी जिम्मेदारी पर पुनर्विचार करना चाहिए। जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना स्वीकार्य नहीं है। लो-वोल्टेज,खराब ट्रांसफार्मरों पर जताई नाराजगी मंत्री ने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से लो-वोल्टेज की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इससे घरेलू उपकरणों से लेकर किसानों के पंप तक प्रभावित हो रहे हैं। कई गांवों में खराब ट्रांसफार्मर समय पर नहीं बदले जा रहे, जिससे किसानों और उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि बिजली ही नहीं रहेगी तो खेती-किसानी और आम जनजीवन दोनों प्रभावित होंगे। इसलिए ट्रांसफार्मर बदलने और फॉल्ट सुधारने में अनावश्यक देरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 72 घंटे तक बिजली बंद रहने पर उठाए सवाल बैठक में मंत्री ने उन शिकायतों का भी उल्लेख किया जिनमें फॉल्ट आने के बाद 18 घंटे, 24 घंटे और कई मामलों में 72 घंटे तक बिजली बहाल नहीं होने की बात सामने आई। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान जैसी प्राकृतिक परिस्थितियां अपनी जगह हैं, लेकिन मेंटेनेंस के बाद भी यदि घंटों और दिनों तक बिजली बहाल नहीं होती तो यह गंभीर चिंता का विषय है। ठेकेदारों को लेकर भी सख्त संदेश तोखन साहू ने कहा कि यदि कोई ठेकेदार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ठीक से नहीं कर रहा है और उपभोक्ताओं को समय पर सेवा नहीं मिल रही है, तो ऐसे ठेकेदारों को हटाने पर विचार किया जाना चाहिए। जरूरत पडऩे पर नए टेंडर जारी कर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कॉल सेंटर और शिकायत निवारण पर भी सवाल मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतें हर हाल में सुनी जानी चाहिए। यदि कॉल सेंटर में फोन नहीं उठ रहे हैं या शिकायत दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है तो यह व्यवस्था की बड़ी विफलता है। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए और उपभोक्ताओं को समस्या की वास्तविक स्थिति से भी अवगत कराया जाए। अधिकारियों ने माना समस्या, सुधार का दिया भरोसा बैठक के दौरान बिजली विभाग के संभागीय एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मंत्री और उपस्थित पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखी। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ समय में आंधी-तूफान, तकनीकी फॉल्ट, मैनपावर की कमी तथा कुछ स्थानों पर विद्युत उपकरणों में आई खराबी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने, लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने, फॉल्ट सुधारने और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जा रही है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाएगी तथा शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री को भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और भविष्य में इस प्रकार की शिकायतें दोबारा सामने न आएं, इसके लिए जवाबदेही तय कर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है तथा जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जाएंगे। अब शिकायत आई तो जवाबदेह होंगे अधिकारी बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए तोखन साहू ने कहा कि बिजली व्यवस्था आम जनता की मूलभूत आवश्यकता है। बिजली नहीं होगी तो पानी नहीं मिलेगा, खेती प्रभावित होगी और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा। इसलिए विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि लंबित समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि अब यदि इसी प्रकार की शिकायतें दोबारा आती हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। जनता को बेहतर सेवा देना विभाग की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर है और यदि भविष्य में अघोषित कटौती, ट्रांसफार्मर बदलने में लापरवाही, लो-वोल्टेज या शिकायतों के निराकरण में देरी की शिकायतें फिर सामने आती हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि जनता को परेशान करने वाली कार्यप्रणाली अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।