अंतर्राष्ट्रीय
01-Jun-2026


-लोग जान बचाने सुरक्षित स्थानों और बंकरों की तरफ भागे, सेना ने जारी किया हाई अलर्ट कुवैत,(ईएमएस)। मिडिल ईस्ट में 1 जून सोमवार सुबह-सुबह ईरान ने कुवैत पर मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स से भीषण हमला किए। इस हमले के बाद पूरे कुवैत में युद्ध के सायरन बजने लगे, जिससे नागरिकों में दहशत फैल गई और लोग जान बचाने सुरक्षित स्थानों और अंडरग्राउंड बंकरों की तरफ भागे। कुवैत का कहना है कि उसके हवाई रक्षा तंत्र ने ड्रोन और मिसाइलों को रोकने के लिए गोलीबारी की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को कुवैत की सेना ने अचानक घोषणा की कि देश का एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन की मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स के हमलों का सामना कर रहा है। खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदल रहे सुरक्षा समीकरणों के बीच कुवैती सेना ने नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। कुवैती सेना ने एक्स पर एक आधिकारिक पोस्ट जारी कर बताया कि देश की हवाई सुरक्षा प्रणाली इस समय दुश्मन के बड़े हवाई हमलों को नाकाम करने में जुटी है। सेना ने नागरिकों से अपील की है कि यदि आसमान में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देती हैं, तो घबराएं नहीं। ये आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने के कारण हो रही हैं। बता दें इससे पहले 28 मई को भी कुवैत पर इसी तरह के मिसाइल और ड्रोन हमले हुए थे। लगातार बिगड़ते हालातों को देखते हुए कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने कतर के पीएम शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से फोन पर आपातकालीन बातचीत की है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा की। एक रिपोर्ट के मुताबिक महीनों की खुदाई और रिपेयरिंग के बाद ईरान ने अपने उन सभी अंडरग्राउंड मिसाइल सेंटर्स और बंकरों को दोबारा एक्टिव कर लिया है, जिन्हें अमेरिका ने बमबारी करके तबाह करने का दावा किया था। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते में और संशोधन करने का अनुरोध किया है, जिसका उद्देश्य संघर्ष विराम को बढ़ाना है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह वाकया अमेरिकी सेना की उस रणनीति की विफलता को दर्शाता है, जिसमें वे केवल बंकरों और सुरंगों के प्रवेश द्वारों को ब्लॉक करने पर ध्यान केंद्रित करते थे। ईरान ने इन खुफिया सुरंगों के रास्ते दोबारा खोलकर अपनी मिसाइल क्षमता को फिर से बहाल कर लिया है। रिपोर्टों के मुताबिक सबसे नए मसौदे में एक...60 दिनों के लिए लड़ाई-झगड़ा बंद करना, होर्मुज़ को खोलने के उपाय और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू करने के लिए एक ढांचा है। हालांकि, अभी तक किसी आधिकारिक समझौते की घोषणा नहीं की गई है। शुक्रवार को अंतिम फैसला लेने के लिए व्हाइट हाउस में हुई एक हाई लेवल बैठक बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई। ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना इस संभावित समझौते का एक मुख्य हिस्सा बना रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी रेड लाइन्स साफ करते हुए कहा कि मुझे ईरान से केवल एक ही पक्की गारंटी चाहिए और वह है उनके पास कोई परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। ट्रंप ने साफ किया कि वह किसी भी दबाव में आकर जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करेंगे। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक ट्रंप केवल उसी डील पर हस्ताक्षर करेंगे जो अमेरिकी हितों की रक्षा करेगी। इस डील के तहत ईरान के पास मौजूद अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के स्टॉक को नष्ट करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। सिराज/ईएमएस 01जून26