समर्थक सोशल मीडिया पर पार्टी नामों और झंडे की डिजाइन्स कर रहे पोस्ट नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तमिलनाडु इकाई में बड़े उथल-पुथल नजर आ रहे हैं। अटकलें हैं कि पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई बीजेपी छोड़ सकते हैं। साथ ही कहा जा रहा है कि वह नई पार्टी बना सकते हैं। हालांकि, इन अटकलों को लेकर अन्नामलाई ने आधिकारिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ये चर्चाएं ऐसे समय पर हो रही हैं, जब कहा जा रहा है कि अन्नामलाई को बीजेपी में बड़ी भूमिका दी जा सकती है। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अन्नामलाई बीजेपी छोड़ने और नई पार्टी बनाने पर विचार कर रहे हैं। दरअसल, इसके संकेत उनके समर्थकों की सक्रियता से भी मिल रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर पार्टी के नामों और झंडे की डिजाइन्स को लेकर पोस्ट कर रहे हैं। हालांकि, खुद अन्नामलाई ने इसे लेकर प्रतिक्रिया नहीं दी है। हाल ही में अन्नामलाई ने तीन भाषा मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार से अलग रुख अपनाया था। मई में उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से कक्षा नौ के छात्रों के लिए तीन भाषाओं को अनिवार्य बनाने वाली अधिसूचना को वापस लेने का आग्रह किया था। रिपोर्ट के मुताबिक अन्नामलाई ने मंत्रालय से आग्रह किया कि वह वर्ष 2029-30 शैक्षणिक वर्ष से तीन भाषाएं शुरू करने की अपनी पूर्व प्रतिबद्धता पर कायम रहे। दरअसल सीबीएसई ने 15 मई, 2026 को सभी संबद्ध विद्यालयों को एक अधिसूचना जारी कर वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से कक्षा नौ के छात्रों के लिए तीसरी अनिवार्य भाषा शुरू करने की घोषणा की, जो पूर्व में 2029-30 सत्र से लागू किए जाने की निर्धारित समय सीमा से काफी पहले है। अन्नामलाई ने कहा कि अप्रैल 2026 में जब सीबीएसई ने घोषणा की कि कक्षा छठी के छात्रों के लिए तीन भाषाएं अनिवार्य होंगी जिनमें से दो भारत की मूल भाषाएं होनी चाहिए, तो उन्होंने भी इस निर्णय का स्वागत किया था। कहा जा रहा है कि अन्नामलाई बीजेपी के एआईएडीएमके के साथ गठबंधन के भी खिलाफ थे। खास बात है कि अन्नामलाई को कुछ समय पहले ही प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया था और नैनार नागेंद्रन को जिम्मेदारी दी थी। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन नहीं रहा। फिलहाल, राज्य में सीएम सी जोसेफ विजय की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार है। कहा जा रहा है कि अन्नामलाई सीएम विजय के बड़े आलोचक हैं। अटकलें ये भी हैं कि अन्नामलाई को दिल्ली में कोई पद दिया जा सकता है। हालांकि, अब तक बीजेपी ने इसकी कोई घोषणा नहीं की है। चर्चाएं थीं कि उन्हें आंध्र प्रदेश से राज्यसभा भी भेजा जा सकता है। सिराज/ईएमएस 01जून26