बालाघाट (ईएमएस). जिले के वारासिवनी क्षेत्र अंतर्गत मुरझड़ निवासी नंदकिशोर कावरे, छिंदवाड़ा जिले के मोहगांव थाने में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत था। रविवार को सीने में उठे दर्द के बाद, उसे मोहगांव थाना से सौंसर और फिर नागपुर लेकर गए थे, जहां उसकी मौत हो गई। परिवार के बड़े बेटे नंदकिशोर की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। रविवार को नागपुर में मौत और पोस्टमार्टम के बाद देररात, शव घर लाया गया था। जिसका अंतिम संस्कार आज सोमवार को मुरझड़ के मोक्षधाम में परिजनों, रिश्तेदारों, परिचित और मोहगांव थाना स्टॉफ के साथी कर्मचारियों की मौजूदगी में किया गया। मोक्षधाम में उनके पुत्र प्रिंस कावरे ने उन्हें मुखाग्नि दी। बताया जाता है कि परिवार में नंदकिशोर बड़ा पुत्र था। जिस पर ही परिवार की जिम्मेदारी थी। वह अपने पीछे, माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गया है। जिनके निधन पर सामाजिक लोगो ने दु:ख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार को इस गहन दु:ख से लडऩे की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की। सामाजिक प्रतिनिधि कमलकिशोर राऊत ने बताया कि समाज ने एक होनहार और परिवार के कर्ताधर्ता को आकस्मिक घटना में खो दिया है। जो अत्यंत ही दु:खद है, समाज, घटना पर शोक व्यक्त करता है। नंदकिशोर का परिवार को छोडकऱ चले जाना, एक अपूर्णीय क्षति है, जिसे परिवार कभी नहीं भुला पाएगा।