वॉशिंगटन (ईएमएस)। इज़राइल और लेबनान के बीच जारी तनाव को कम करने और स्थायी युद्धविराम की दिशा में आगे बढ़ने के उद्देश्य से दोनों देशों के बीच वार्ता का चौथा दौर अमेरिका की मध्यस्थता में वॉशिंगटन में शुरू हो गया है। यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब सीमा क्षेत्रों में हिंसा और सैन्य कार्रवाई की घटनाएं पूरी तरह थमी नहीं हैं। अमेरिका इन वार्ताओं को मध्य पूर्व में स्थिरता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है। इससे पहले हुए तीन दौर की बातचीत में युद्धविराम को मजबूत करने, सीमा सुरक्षा, कैदियों की रिहाई और दक्षिणी लेबनान से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा हुई थी। दोनों देशों ने अप्रैल में लागू हुए संघर्षविराम को आगे बढ़ाने और स्थायी समाधान तलाशने की इच्छा जताई थी। हालांकि वार्ता के समानांतर जमीनी हालात अब भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। हाल के दिनों में दक्षिणी लेबनान में इज़राइली हमलों और हिजबुल्लाह की जवाबी कार्रवाई की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे संघर्षविराम की स्थिरता पर सवाल उठे हैं। इसके बावजूद अमेरिका ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अपील की है। सूत्रों के अनुसार, इस दौर की बातचीत में सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, संघर्षविराम के पालन की निगरानी तथा दीर्घकालिक शांति समझौते की रूपरेखा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अमेरिका का मानना है कि यदि यह वार्ता सफल रहती है तो यह दशकों से चले आ रहे इज़राइल-लेबनान तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि चौथे दौर की वार्ता के नतीजे न केवल इज़राइल और लेबनान बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और स्थिरता पर प्रभाव डाल सकते हैं। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें वॉशिंगटन में चल रही इन महत्वपूर्ण वार्ताओं पर टिकी हुई हैं। सुबोध/०२-०६-२०२६