- कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में संभालेंगे कमान बेंगलुरु(ईएमएस)। दक्षिण भारत के अहम दुर्ग कर्नाटक की सियासत में आज एक नया और ऐतिहासिक अध्याय लिखा जा रहा है। कड़कड़ाती राजनीतिक धूप और लंबे इंतजार के बाद आखिरकार वो पल आ ही गया, जिसका कार्यकर्ताओं को बेसब्री से इंतजार था। आज (3 जून) राज्य के कद्दावर और संकटमोचक नेता डी.के. शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने जा रहे हैं। इस महा-शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पूरी सिलिकॉन वैली (बेंगलुरु) में उत्साह का ऐसा समंदर उमड़ा है कि मंगलवार रात से ही नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। मनोनीत मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के आवास के बाहर सुरक्षा के इतने कड़े और चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। इस बड़े नेतृत्व परिवर्तन पर दिल्ली से बेंगलुरु तक नेताओं के दिल भावुक और उत्साह से लबरेज हैं। महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने इस मौके पर खुशी जाहिर करते हुए इसे पार्टी के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा, यह हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण दिन है। मुझे बेहद खुशी है कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त कर उनका मान बढ़ाया गया है, और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अब मुख्यमंत्री का पदभार संभाल रहे हैं, जो कर्नाटक में एक नई और सुनहरे सवेरे की शुरुआत का प्रतीक है। केरल के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन और पर्यटन मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ भी इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने बेंगलुरु पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री की कुर्सी तय होने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि डी.के. शिवकुमार के साथ कौन-कौन से चेहरे मंत्री पद की शपथ लेंगे। खुद मनोनीत मुख्यमंत्री शिवकुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, दिल्ली से हाईकमान मुझे नामों की सूची भेजेगा। हम सभी बैठकर उन नामों पर मंथन करेंगे और अपनी राय देंगे। लेकिन अंतिम फैसला आलाकमान का ही होगा, जिसके बाद मैं सूची राजभवन भेजूंगा। इस बीच, मंत्रियों की सूची को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। दिल्ली से लौटकर आए उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने भी कहा कि आधिकारिक तौर पर अभी कुछ भी तय नहीं है। नेताओं और विधायकों के बयानों से साफ है कि कैबिनेट का गठन सोशल इंजीनियरिंग को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। विधायक एन.ए. हारिस ने बताया, दो लिस्ट आने वाली हैं, कुछ लोग आज शपथ लेंगे और बाकी चेहरों को 15-20 दिनों के बाद शामिल किया जाएगा। वहीं वरिष्ठ विधायक के.एच. मुनियप्पा ने अपनी दावेदारी का संकेत देते हुए कहा, शिवकुमार के साथ करीब 10 से 15 लोग शपथ ले रहे हैं और ऐसा लगता है कि मैं भी उनमें से एक हूँ। क्षेत्रीय संतुलन को लेकर भी मांगें उठने लगी हैं। विधायक रहीम खान ने हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के अल्पसंख्यक समुदाय के लिए सकारात्मक आश्वासन मिलने का दावा किया। दूसरी तरफ, विधायक लक्ष्मी आर. हेब्बालकर ने संकल्प दोहराया कि नई सरकार कर्नाटक की जनता से किए गए हर वादे को पूरी ईमानदारी से निभाएगी। इस बीच, विपक्षी खेमे से भाजपा नेता मुरुगेश निरानी ने इस घटनाक्रम को राज्य का बड़ा राजनीतिक बदलाव बताते हुए कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार प्रशासन को किस प्रकार संभालती है। बहरहाल, आज का दिन डी.के. शिवकुमार और उनके समर्थकों के लिए बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत का दिन है। वीरेंद्र/ईएमएस/03जून2026