ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार सहयोग पर होगी अहम चर्चा -पांच दिवसीय यात्रा के दौरान पीएम मोदी से होगी मुलाकात नई दिल्ली,(ईएमएस)। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज बुधवार से भारत के पांच दिवसीय दौरे पर आ रही हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बीच उनकी यह यात्रा भारत के लिए विशेष महत्व रखती है। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, दवा उद्योग, स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने पर विचार किया जाएगा। डेल्सी रोड्रिगेज के साथ वेनेजुएला के विदेश, वित्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संचार एवं सूचना तथा परिवहन मंत्रालयों के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी भारत आ रहे हैं। भारत और वेनेजुएला के संबंधों में ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 88 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। ऐसे में तेल उत्पादक देशों के साथ मजबूत संबंध भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में तनाव और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के बीच भारत ने वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला से आयात बढ़ने से भारत की खाड़ी देशों पर निर्भरता कम हो सकती है और ऊर्जा स्रोतों में विविधता आएगी। डेल्सी रोड्रिगेज का भारत के साथ पुराना जुड़ाव रहा है। वह इससे पहले विदेश मंत्री और उपराष्ट्रपति के रूप में कई बार भारत का दौरा कर चुकी हैं। वर्ष 2015 में विदेश मंत्री के रूप में उनकी पहली भारत यात्रा हुई थी, जबकि 2019, 2023, 2024 और 2025 में उन्होंने उपराष्ट्रपति के रूप में भारत का दौरा किया था। यह उनका भारत का छठा दौरा होगा। इस वर्ष 30 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी और रोड्रिगेज के बीच टेलीफोन पर भी बातचीत हुई थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, वैश्विक मुद्दों और आपसी हितों के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, कृषि और जन-संपर्क के क्षेत्रों में साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति जताई थी। भारत और वेनेजुएला के बीच यह उच्चस्तरीय वार्ता ऐसे समय हो रही है, जब दोनों देश वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) के मुद्दों पर भी सहयोग को मजबूत करने के प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में इस यात्रा से दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। हिदायत/ईएमएस 03जून26