03-Jun-2026
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अब कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को करेगी नई दिल्ली,(ईएमएस)। दिल्ली की एक विशेष कोर्ट ने सोमवार को उद्योगपति नवीन जिंदल, पूर्व कोयला सचिव पी सी पारेख और अन्य आरोपियों के खिलाफ दायर आरोप-पत्र पर संज्ञान लेते हुए उन्हें समन जारी किया है। कोर्ट ने आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपों पर सुनवाई शुरू करने का फैसला किया है। स्पेशल जज सुनेना शर्मा ने नवीन जिंदल, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, पी सी पारेख, राकेश कुमार जिंदल, राम किशोर, एस के अग्रवाल और जिंदल स्ट्रिप्स लिमिटेड को 17 जुलाई को कोर्ट में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह कोयला ब्लॉक आवंटन मामलों से जुड़ी सबसे विस्तृत और भारी-भरकम आरोप-पत्रों में से एक है। मामले की जांच सीबीआई ने की है, जिसने आरोप लगाया है कि कोयला ब्लॉक आवंटन और खनन पट्टे से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया गया है। सीबीआई के मुताबिक 1996 में छत्तीसगढ़ के गारे पाल्मा 4/1 कोयला ब्लॉक का आवंटन जिंदल स्ट्रिप्स लिमिटेड को 0.6 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता वाले स्पंज आयरन प्लांट के लिए किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि ब्लॉक में कोयले का भंडार निर्धारित जरुरत से काफी ज्यादा था, जिसके बावजूद आवंटन किया गया। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि खनन पट्टे के लिए केंद्र सरकार की ओर से 705 हेक्टेयर क्षेत्र को मंजूरी दी गई थी, लेकिन पट्टा मंजूरी सीमा से ज्यादा क्षेत्र में निष्पादित किया गया। बाद में 2005 में स्क्रीनिंग समिति ने कथित अनियमितता को नियमित करते हुए स्वीकृत क्षेत्र से अतिरिक्त भूमि शामिल करने का प्रस्ताव भी दिया। मामले के दस्तावेजों के मुताबिक मार्च 2004 में जेएसपीएल ने कोयला ब्लॉक से उत्पादन क्षमता 2 मिलियन टन प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 6 मिलियन टन प्रतिवर्ष करने की अनुमति मांगी थी। इस दौरान कोयला मंत्रालय ने पट्टे की सीमाओं और अतिरिक्त उत्पादन से जुड़ी विसंगतियां पाई थीं और कंपनी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था। अब कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। सिराज/ईएमएस 03जून26