क्षेत्रीय
03-Jun-2026
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नवी मुंबई, (ईएमएस)। नवी मुंबई के नेरुल क्षेत्र में एक 21 वर्षीय डिजिटल कंटेंट क्रिएटर युवती ने उबर कैब चालक पर मारपीट और धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। युवती का दावा है कि महालक्ष्मी से नेरुल तक की यात्रा के बाद चालक ने उससे टोल शुल्क के नाम पर अतिरिक्त 40 रुपये नकद मांगे। जब उसने भुगतान करने से इनकार किया तो चालक आक्रामक हो गया, उसे थप्पड़ मारा और धमकाया। पीड़िता, जिसकी पहचान शिवानी के रूप में हुई है, ने पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा की। यह घटना 22 अप्रैल की बताई जा रही है। मामले में नेरुल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने चालक के खिलाफ गैर-संज्ञेय (एनसी) मामला दर्ज किया। शिवानी के अनुसार, उन्होंने उबर ऐप के जरिए महालक्ष्मी से नेरुल के लिए कैब बुक की थी। बुकिंग के समय किराया 460 रुपये दिखाया गया था। यात्रा पूरी होने पर किराया बढ़कर 501 रुपये हो गया, जिसे उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से भुगतान कर दिया। युवती का कहना है कि नेरुल पहुंचने के बाद चालक ने टोल शुल्क के नाम पर अतिरिक्त 40 रुपये नकद मांगे। उन्होंने यह कहते हुए भुगतान करने से इनकार कर दिया कि टोल शुल्क पहले से ही ऐप पर दिखाए गए किराये में शामिल होना चाहिए। युवती के अनुसार, अतिरिक्त पैसे देने से मना करने पर चालक बार-बार पैसे मांगता रहा। जब उन्होंने कैब से उतरने की कोशिश की तो चालक ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। विवाद बढ़ने पर चालक गुस्से में आ गया। शिवानी ने आरोप लगाया कि बहस के दौरान चालक उनके बेहद करीब आ गया। आत्मरक्षा में उन्होंने उसे पीछे धकेला, जिसके बाद चालक ने उन्हें थप्पड़ मार दिया और उनका हाथ मरोड़ दिया। इतना ही नहीं, चालक ने धमकी भरे अंदाज में कहा, फिर से मार के दिखाऊं क्या? युवती ने बताया कि मामूली राशि को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक उनकी सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बन गया। उन्होंने तुरंत अपने कार्यालय के सहकर्मियों को फोन किया, जो मौके पर पहुंचे और उनकी मदद की। उन्होंने यह भी बताया कि घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने भी बीच-बचाव कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की। बावजूद इसके चालक ने कोई पछतावा नहीं दिखाया और लोगों के हस्तक्षेप के बाद भी कथित रूप से धमकियां देता रहा। नेरुल पुलिस ने शिकायत के आधार पर चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की उन धाराओं के तहत गैर-संज्ञेय अपराध दर्ज किया है, जो स्वेच्छा से चोट पहुंचाने और सार्वजनिक शांति भंग करने के उद्देश्य से अपमान करने से संबंधित हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर इस घटना के सामने आने के बाद महिलाओं की सुरक्षा और कैब सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। संजय/संतोष झा- ०३ जून/२०२६/ईएमएस