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03-Jun-2026
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वेतन आयोग ने कहा, यह अंतिम विस्तार होगा नई दिल्ली,(ईएमएस)। केंद्र सरकार के करीब 1.15 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का आठवें वेतन आयोग पर टिकी उम्मीदों को फिर झटका लगा है। वेतन, पेंशन और भत्तों में बड़ी बढ़ोतरी के इंतजार के बीच, आयोग ने कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर समूहों से सुझाव और मांगें जमा करने की अंतिम तारीख को तीसरी बार बढ़ाया है। इसके पहले यह समयसीमा 30 अप्रैल 2026 थी, इस बढ़ाकर 31 मई किया और अब 15 जून 2026 किया गया है। वेतन आयोग ने साफ किया है कि यह अंतिम विस्तार होगा और इसके बाद कोई और मोहलत नहीं दी जाएगी। सभी ज्ञापन केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, ईमेल या हार्ड कॉपी पर विचार नहीं होगा। इस फैसले से केंद्रीय कर्मचारी संगठनों को अपनी मांगों को विस्तार से तैयार करने का अतिरिक्त समय मिल गया है, लेकिन दूसरी ओर संकेत मिलता है कि आयोग की अंतिम सिफारिशें आने में अभी और वक्त लग सकता है। नवंबर 2025 में गठित आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसका अर्थ है कि अंतिम रिपोर्ट 2027 के मध्य तक आने की संभावना है। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों की सबसे बड़ी उम्मीद यह है कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। यदि ऐसा होता है, तब उन्हें बड़े एरियर का लाभ मिलेगा, जिसकी राशि हर बीतते महीने के साथ बढ़ती जा रही है, जिससे भविष्य में एकमुश्त बड़ी रकम मिलने की उम्मीद की जा रही है। वेतन आयोग की चर्चाओं में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम मुद्दा बना हुआ है। जहां 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू था, वहीं कर्मचारी संगठन इस बार 3.0 से 4.0 तक की मांग कर रहे हैं। यदि केंद्र सरकार ऊंचे फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है, तब न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी होगी, जिससे लाखों कर्मचारियों की मासिक आय और पेंशन दोनों में खासा इजाफा होगा। हालांकि, इस देरी का एक नुकसान भी हो सकता है। जानकारों का मानना है कि बेसिक वेतन और पेंशन का एरियर, तब बाद में मिल सकता है, लेकिन हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) के मामले में स्थिति अलग हो सकती है, जहां अक्सर बढ़ी हुई राशि का पिछला भुगतान नहीं किया जाता। इसतरह केंद्रीय कर्मचारियों को संभावित नुकसान उठाना पड़ सकता है, इसकारण वे वेतन वृद्धि के साथ उसके लागू होने के समय को लेकर भी चिंतित हैं। वर्तमान में, आयोग विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय बैठकों, कर्मचारी यूनियनों, पेंशनर संगठनों और सरकारी विभागों के साथ व्यापक विचार-विमर्श कर रहा है। पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में, आयोग का उद्देश्य अगले 10 सालों के लिए एक ऐसा वेतन ढांचा तैयार करना है जो कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की जरूरतों को पूरा कर सके। फिलहाल, कर्मचारियों के मन में फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, पेंशन में इजाफा और नई सैलरी कब से मिलेगी, जैसे कई सवाल हैं। इन सभी का जवाब आने वाले महीनों में आयोग की सिफारिशों के साथ ही सामने आएगा, लेकिन इतना तय है कि 8वां वेतन आयोग देश के लाखों लोगों के आर्थिक भविष्य को आकार देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम होगा। आशीष दुबे / 03 जून 2026