क्षेत्रीय
03-Jun-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। खेती को केवल परंपरा नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और नवाचार से जोडकऱ लाभकारी व्यवसाय बनाने की मिसाल पेश कर रहे हैं मोपका ग्राम के प्रगतिशील किसान भरत क्षेत्रपाल। करीब 30 से 35 वर्षों के कृषि अनुभव के साथ उन्होंने अपनी 23 एकड़ भूमि को आधुनिक और विविधतापूर्ण खेती का सफल मॉडल बना दिया है। आज उनकी पहचान जिले के अग्रणी किसानों में होती है और उनकी सफलता कई किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। भरत क्षेत्रपाल ने समय के साथ खेती के तौर-तरीकों में बदलाव करते हुए पारंपरिक कृषि ज्ञान को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा। अरबी (जिमीकंद) और हल्दी उनकी प्रमुख फसलें हैं, जिनमें उन्हें विशेष सफलता मिली है। इसके साथ ही उन्होंने केले की उन्नत खेती को अपनाकर उत्पादन और आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की है। वर्तमान में वे अपनी 8 एकड़ भूमि पर जी-9 किस्म के केले की खेती कर रहे हैं। उनके खेत में केले की दूसरी फसल तैयार हो रही है। वैज्ञानिक पद्धति से खेती और बेहतर प्रबंधन के कारण उन्हें बेहतर उत्पादन प्राप्त हो रहा है। खेती में आधुनिक तकनीकों के उपयोग ने उन्हें क्षेत्र के अन्य किसानों से अलग पहचान दिलाई है। पानी की बचत और फसलों की बेहतर वृद्धि के लिए उन्होंने ड्रिप सिंचाई प्रणाली को अपनाया है। इससे न केवल सिंचाई लागत कम हुई है, बल्कि फसलों को आवश्यकता अनुसार नमी मिलने से गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ है। जल संरक्षण के क्षेत्र में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है। कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए भरत क्षेत्रपाल को वर्ष 2006 और 2011 में भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित कृषिरत्न सम्मान से नवाजा जा चुका है। वे अपनी उपज का विक्रय मंडी के माध्यम से करते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिलता है और आय में स्थिरता बनी रहती है। भरत क्षेत्रपाल की खेती एक नजर में 0 गांव-मोपका, बिलासपुर 0 कुल कृषि भूमि-23 एकड़ 0 कृषि अनुभव-30 से 35 वर्ष 0 प्रमुख फसलें-अरबी (जिमीकंद), हल्दी एवं केला 0 केले की खेती-8 एकड़ में जी-9 किस्म आधुनिक तकनीक ने बदली तस्वीर 0 ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत 0 फसलों को जरूरत के अनुसार नमी 0 उत्पादन लागत में कमी 0 बेहतर गुणवत्ता और अधिक उत्पादन 0 जल संरक्षण में भी योगदान उपलब्धियां और प्रेरणा 0 वर्ष 2006 में ‘कृषिरत्न’ सम्मान 0 वर्ष 2011 में पुन: ‘कृषिरत्न’ पुरस्कार 0 आधुनिक खेती के मॉडल के रूप में पहचान 0 क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत 0 वैज्ञानिक सोच और नवाचार से मिली सफलता सफलता की सीख भरत क्षेत्रपाल का मानना है कि खेती में मेहनत के साथ नई तकनीकों को अपनाना जरूरी है। पारंपरिक अनुभव और वैज्ञानिक खेती का मेल किसानों की आय बढ़ाने और खेती को टिकाऊ बनाने का सबसे प्रभावी तरीका है। यदि किसान नई तकनीकों को अपनाते हुए फसल विविधीकरण पर ध्यान दें, तो खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है। भरत क्षेत्रपाल, प्रगतिशील किसान, मोपका मनोज राज 03 जून 2026