क्षेत्रीय
03-Jun-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ किसानों द्वारा खेतों की तैयारी और उर्वरकों की खरीदी का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस बीच कृषि विभाग ने किसानों को नकली और मिलावटी खाद से सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि बिना जांच-पड़ताल के खरीदी गई नकली खाद फसलों की वृद्धि को प्रभावित कर सकती है, जिससे उत्पादन में कमी आने के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि किसान खाद और बीज केवल पंजीकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदें तथा खरीदारी के बाद रसीद अवश्य लें। विभाग द्वारा किसानों को असली और नकली उर्वरकों की पहचान के लिए सरल और व्यावहारिक तरीके भी बताए गए हैं, जिनकी मदद से वे खरीदारी के समय खाद की गुणवत्ता का प्राथमिक परीक्षण कर सकते हैं। विभाग के अनुसार असली डीएपी खाद के दानों को चूने के साथ मलने पर तेज अमोनिया जैसी गंध आती है तथा तवे पर गर्म करने पर इसके दाने फूल जाते हैं। वहीं नकली डीएपी आमतौर पर कठोर, भूरे या काले रंग की होती है और इसके दाने आसानी से नहीं टूटते। इसी प्रकार असली यूरिया के दाने सफेद, चमकदार और एक समान आकार के होते हैं। यह पानी में पूरी तरह घुल जाती है तथा घोल को छूने पर ठंडक का एहसास होता है। गर्म करने पर असली यूरिया पिघल जाती है, जबकि नकली यूरिया के दाने सामान्यत: नहीं पिघलते। कृषि विभाग ने बताया कि सुपर फॉस्फेट तथा जिंक सल्फेट जैसे उर्वरकों में भी मिलावट की संभावना बनी रहती है। ऐसे में किसानों को किसी भी प्रकार का संदेह होने पर कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर नमूनों की जांच कराने की सलाह दी गई है। विभाग द्वारा जिलेभर में लगातार निगरानी रखी जा रही है और नकली खाद के विक्रय या अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे पहचानें असली डीएपी और यूरिया -डीएपी 0 चूने के साथ मलने पर अमोनिया जैसी तेज गंध आती है। 0 तवे पर गर्म करने पर दाने फूल जाते हैं। 0 नकली डीएपी प्राय: भूरे या काले रंग की होती है। -यूरिया 0 दाने सफेद, चमकदार और एक समान आकार के होते हैं। 0 पानी में पूरी तरह घुल जाती है। 0 घोल को छूने पर ठंडक महसूस होती है। अन्य उर्वरकों की पहचान -सुपर फॉस्फेट 0 भूरा या काला रंग। 0 दाने कठोर होते हैं। 0 गर्म करने पर नहीं फूलते। - पोटाश 0 दाने खिले-खिले रहते हैं। 0 पानी डालने पर आपस में नहीं चिपकते। 0 घुलने पर लाल रंग का भाग ऊपर दिखाई देता है। जिंक सल्फेट 0 मिलावट की संभावना अधिक। 0 शुद्धता की जांच विशेषज्ञों से कराएं। किसानों के लिए जरूरी सलाह 0 केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद खरीदें। 0 हर खरीदारी की रसीद सुरक्षित रखें। 0 खाद की कमी या गुणवत्ता संबंधी अफवाहों पर भरोसा न करें। 0 संदेह होने पर कृषि विभाग से जांच कराएं। 0 नकली खाद बेचने वालों की जानकारी तत्काल अधिकारियों को दें। किसान उर्वरक खरीदते समय उसकी गुणवत्ता की जांच अवश्य करें। किसी भी प्रकार की शंका होने पर कृषि विभाग से संपर्क करें। नकली खाद बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पी.डी. हथेश्वर, उप संचालक, कृषि विभाग, बिलासपुर मनोज राज 03 जून 2026