क्षेत्रीय
03-Jun-2026
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- अभिनय, नाट्यगीत और संवाद अदायगी से बच्चों ने छोड़ी गहरी छाप बिलासपुर (ईएमएस)। महाराष्ट्र मंडल एवं अग्रज नाट्य दल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बाल अभिनय एवं रंगमंच प्रशिक्षण कार्यशाला का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। पारिजात कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल परिसर में आयोजित समापन समारोह में बाल कलाकारों ने अपने अभिनय, संवाद अदायगी और रंगमंचीय प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, रंगकर्मी, कला प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बाल प्रतिभाओं ने मंच पर बिखेरा हुनर समारोह की शुरुआत रंगकर्मी मोहम्मद रफ़ीक के निर्देशन में तैयार बाल रंग-संगीत प्रस्तुतियों से हुई। बच्चों ने कौन कहा से आए जी, आलू मिर्ची चाय जी सहित कई नाट्यगीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। गीतों में बच्चों की लय, ताल, अभिनय और मंचीय ऊर्जा ने सभी को प्रभावित किया। नन्हे आरजे कार्यक्रम ने भी बटोरी सराहना कार्यक्रम में अरपा सामुदायिक रेडियो की संचालक संज्ञा टंडन ने बच्चों और अभिभावकों से संवाद किया। उन्होंने रेडियो को अभिव्यक्ति और व्यक्तित्व विकास का प्रभावी माध्यम बताते हुए बच्चों को नन्हे आरजे प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुडऩे के लिए प्रेरित किया। भोकवा राजा बना समारोह का मुख्य आकर्षण समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण व्यंग्य नाटक भोकवा राजा रहा। रंगकर्मी गरिमा भांगे द्वारा लिखित और निर्देशित इस नाटक में सामाजिक धारणाओं, आत्मविश्वास और वास्तविक प्रतिभा को हास्य और व्यंग्य के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। बाल कलाकारों के जीवंत अभिनय, सशक्त संवाद और मंचीय प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया।नाटक की कहानी एक ऐसे राजकुमार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे लोग उसकी असफल कोशिशों के कारण ‘भोकवा’ कहकर पुकारते हैं। अंतत: वही राजकुमार अपनी प्रतिभा और योग्यता के दम पर खुद को साबित करता है और भोकवा राजा के रूप में पहचान बनाता है। ये लोग रहे उपस्थित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर निगम के सांस्कृतिक प्रभारी एवं पार्षद संजय यादव, पार्षद अंजनी कश्यप और भाजपा पश्चिम मंडल अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण कश्यप ने बाल कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि रंगमंच केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रभावी माध्यम है।महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष मोहन देव पुजारी ने कहा कि अग्रज नाट्य दल वर्षों से बच्चों और युवाओं को मंच उपलब्ध कर उनकी प्रतिभा निखारने का सराहनीय कार्य कर रहा है। 45 दिनों के प्रशिक्षण का मंच पर दिखा असर कार्यशाला के दौरान बच्चों को अभिनय, संवाद अदायगी, मंच अनुशासन, नाट्यगीत, मंचीय अभिव्यक्ति और रंगमंच की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया। समापन प्रस्तुति में बच्चों का आत्मविश्वास और अभिनय कौशल स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।नाटक का संगीत निर्देशन मोहम्मद रफ़ीक ने किया, जबकि कॉस्ट्यूम और मेकअप की जिम्मेदारी अरुण भांगे ने निभाई। वरिष्ठ रंगकर्मी सुनील चिपड़े के मार्गदर्शन में मंच सज्जा और सेट डिजाइन तैयार किया गया। प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाण-पत्र समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षार्थी बच्चों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। आयोजन को सफल बनाने में विक्रम सिंह ठाकुर, स्वप्निल तवाडकर, राजेश्वरी राजपूत, चम्पा भट्टाचार्जी सहित अग्रज नाट्य दल के कलाकारों और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। - 03 जून 2026