- 17 लाख की ठगी की जांच में सामने आया बड़ा रैकेट - 99 लाख रुपए होल्ड; कई राज्यों में दर्ज हैं साइबर अपराध की शिकायतें बिलासपुर (ईएमएस)। शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने पर्दाफाश किया है। 17.21 लाख रुपए की साइबर ठगी की जांच के दौरान पुलिस ने करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन-देन से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। मामले में पहले गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों के बाद अब गिरोह के प्रमुख संचालकों में शामिल रजत तोमर को भी गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण नर्मदा नगर कॉलोनी निवासी एक महिला से जुड़ा है, जिसे शेयर ट्रेडिंग में अत्यधिक लाभ का लालच देकर विभिन्न किश्तों में कुल 17 लाख 21 हजार 100 रुपए की ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया गया था। शिकायत मिलने पर रेंज साइबर थाना ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग लेन-देन और डिजिटल ट्रेल का गहन विश्लेषण शुरू किया। जांच आगे बढ़ी तो साइबर ठगी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपी मुकेश कुमार दास के तीन बैंक खातों के खिलाफ देशभर में 13 साइबर शिकायतें दर्ज होना पाया गया। इन खातों में लगभग 8 करोड़ रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। वहीं आरोपी संदीप कुमार चंद्रा उर्फ विक्की के बैंक खाते के विरुद्ध गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में पांच साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी साइबर अपराध से अर्जित रकम को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित कर उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने का प्रयास करते थे। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी केशव साव के बैंक खाते में लगभग 99 लाख रुपए तथा शिशिर राठौर के खाते में करीब 1 लाख रुपए होल्ड करा दिए हैं। अधिक मुनाफे का लालच देकर हासिल करता था बैंक खाते जांच में गिरफ्तार रजत तोमर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण पाई गई है। पुलिस के अनुसार वह लोगों को अधिक लाभ का प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते प्राप्त करता था और उन्हें साइबर नेटवर्क से जोड़ता था। इसके बाद खाताधारकों को दिल्ली सहित अन्य शहरों में ले जाकर उनके खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में कराया जाता था। आरोपी के कब्जे से विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। एनसीआरपी पोर्टल से मिली अंतरराज्यीय नेटवर्क की पुष्टि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) से प्राप्त जानकारी ने भी इस गिरोह की अंतरराज्यीय गतिविधियों की पुष्टि की है। जांच में सामने आया है कि गिरोह शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। अब तक गिरफ्तार आरोपी 0 मुकेश कुमार दास, समस्तीपुर (बिहार) 0 केशव साव, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) 0 संदीप कुमार चंद्रा उर्फ विक्की, सक्ती (छत्तीसगढ़) 0 शिशिर राठौर, सक्ती/रायपुर 0 रजत तोमर, दुर्ग (छत्तीसगढ़) एवं बागपत (उत्तर प्रदेश) जांच में सामने आए प्रमुख तथ्य 0 8 करोड़ रुपए से अधिक के संदिग्ध ट्रांजेक्शन 0 विभिन्न राज्यों में 18 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज 0 99 लाख रुपए बैंक खातों में होल्ड 0 शेयर ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर संचालित संगठित साइबर नेटवर्क 0 बैंक खाते उपलब्ध कराने और धनराशि ट्रांसफर कराने में मुख्य भूमिका निभा रहा था मास्टरमाइंड - 03 जून 2026