क्षेत्रीय
03-Jun-2026
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- बैटरी ट्राइसाइकिल बनी सोनू के आत्मनिर्भर जीवन की नई राह दतिया (ईएमएस)। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं तब सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक समय पर पहुंचे। दतिया जिले के ग्राम सोनागर निवासी अस्थि बाधित दिव्यांग सोनू पटवा के जीवन में भी ऐसा ही सकारात्मक बदलाव आया है। जनसुनवाई में की गई उनकी एक सरल सी मांग पर जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें बैटरी चलित मोटर ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई, जिससे उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ है। सोनू पटवा लंबे समय से शारीरिक दिव्यांगता के कारण आवागमन की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। दैनिक कार्यों, सामाजिक गतिविधियों तथा आवश्यक कार्यों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे न केवल उनकी दिनचर्या प्रभावित होती थी, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन जीने की इच्छा भी बाधित होती थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं कल्याण के लिए संचालित प्रयासों के तहत आयोजित जनसुनवाई में सोनू ने अपनी समस्या प्रशासन के समक्ष रखी। आवेदन प्राप्त होते ही जिला प्रशासन ने मामले को प्राथमिकता देते हुए दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही की और उन्हें बैटरी चलित मोटर ट्राइसाइकिल प्रदान की। ट्राइसाइकिल मिलने के बाद सोनू के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। अब वे बिना किसी सहायता के अपने आवश्यक कार्यों के लिए आसानी से आवागमन कर सकेंगे। इससे उनकी सामाजिक सहभागिता बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर जीवन की ओर मजबूती से कदम बढ़ा सकेंगे। भावुक होकर सोनू पटवा ने कहा, ष्पहले कहीं आने-जाने में बहुत परेशानी होती थी और दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब ट्राइसाइकिल मिलने से मेरी जिंदगी काफी आसान हो गई है। यह मेरे लिए सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का माध्यम है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े और जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने कहा कि जिले के प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि दिव्यांगजनों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सोनू पटवा की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन की संवेदनशील पहल और जनसुनवाई जैसी व्यवस्थाएं जरूरतमंद लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला सकती हैं। शासन और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से दतिया जिले में दिव्यांगजनों के लिए सुगम, सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर वातावरण निर्मित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।