:: जल संसाधन मंत्री ने वल्लभ भवन में की नदी कछारों की समीक्षा; बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वर्षाकाल से पहले हर हाल में सभी बांधों और नहरों की सुरक्षा जांच और आवश्यक मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश भर में जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए जल गंगा संवर्धन और एक पेड़ मां के नाम अभियानों के माध्यम से एक बड़ा जन आंदोलन चलाया जा रहा है; ऐसे में जन सुरक्षा और विकास कार्यों से जुड़ी तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी। मंत्री सिलावट ने बुधवार को भोपाल स्थित मंत्रालय (वल्लभ भवन) में विभागीय कार्यों और निर्माणाधीन परियोजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा के दौरान ये निर्देश दिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता विनोद देवड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों के मुख्य अभियंता और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने चंबल, बेतवा, नर्मदा, ताप्ती, केन और गंगा सहित विभिन्न नदी क्षेत्रों (बेसिन) में चल रही सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की और निर्देश दिए कि बारिश के मद्देनजर आगामी 15 दिनों में सभी आवश्यक काम पूरे कराएं। इसके साथ ही उन्होंने सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन में कराए जा रहे कान्ह डायवर्सन परियोजना, घाट निर्माण और सेवरखेड़ी सहित इंदौर-उज्जैन संभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा कर अधिकारियों को गति बढ़ाने के निर्देश दिए। मंत्री सिलावट ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी करते हुए कहा कि वर्षा पूर्व सभी बांधों, नहरों और तालाबों का निरीक्षण कर उनकी मरम्मत सुनिश्चित की जाए। बांधों के गेट्स की ऑइलिंग-ग्रीसिंग के साथ ही उनका एक बार ट्रायल रन जरूर कर लें। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि बड़ी जल संरचनाओं में जल स्तर की नियमित मॉनिटरिंग हो और गेट खोलने की पूर्व सूचना प्रशासन व आम जनता को समय पर दी जाए। साथ ही, विगत तीन वर्षों में बाढ़ प्रभावित रहे गांवों को चिह्नित कर वहां गोताखोर, नाव और लाइफ जैकेट जैसे सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।