ग्रामीण इलाकों में इलाज का संकट वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिकी सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड ने एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जे-1 वीजा छूट (वेवर) की प्रक्रिया में हो रही अत्यधिक देरी के कारण विदेशों में प्रशिक्षित सैकड़ों योग्य डॉक्टरों को अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है। इस प्रशासनिक सुस्ती की वजह से देश के ग्रामीण और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित इलाकों में डॉक्टरों की कमी का संकट और अधिक गहरा सकता है। न्यूयॉर्क से डेमोक्रेट प्रतिनिधि गिलिब्रैंड ने अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री को एक पत्र लिखकर इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। सीनेटर गिलिब्रैंड के अनुसार, स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग के ऑफिस ऑफ ग्लोबल अफेयर्स में प्रशासनिक लंबित मामलों के कारण योग्य विदेशी डॉक्टर देशभर के अस्पतालों में अपनी सेवाएं शुरू नहीं कर पा रहे हैं। इस समस्या का सीधा असर न्यूयॉर्क के कई ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ रहा है। यह पूरा मुद्दा भारतीय डॉक्टरों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय मेडिकल ग्रेजुएट्स में भारतीय डॉक्टरों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। न्यूयॉर्क राज्य अपनी स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए विदेशी प्रशिक्षित डॉक्टरों पर काफी हद तक निर्भर है। राज्य के कुल डॉक्टरों में से एक-तिहाई से अधिक संख्या विदेशी डॉक्टरों की है। वर्ष 2025 की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि न्यूयॉर्क के 16 ग्रामीण काउंटियों में डॉक्टरों की भारी किल्लत है। कई काउंटियों में तो एक भी बाल रोग विशेषज्ञ या स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं है। इन क्षेत्रों में औसतन हर 10,000 लोगों पर केवल 4 प्राथमिक स्वास्थ्य चिकित्सक हैं, जो राज्य के सामान्य औसत से आधे से भी कम है। इन विपरीत परिस्थितियों में ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पताल मुख्य रूप से जे-1 वीजा वेवर कार्यक्रम पर निर्भर रहते हैं। यह कार्यक्रम विदेशी डॉक्टरों को अपनी पढ़ाई या रेजिडेंसी पूरी करने के बाद भी अमेरिका में रहने और काम करने की अनुमति देता है, बशर्ते वे डॉक्टरों की कमी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए सहमत हों। लेकिन वर्तमान में आवेदन प्रक्रिया में कई महीनों की देरी हो रही है, जिससे डॉक्टर समय पर अस्पतालों से नहीं जुड़ पा रहे हैं। स्थिति इसलिए भी अधिक संवेदनशील हो गई है क्योंकि रेजिडेंसी पूरी कर रहे कई डॉक्टरों के लिए 30 जुलाई की अंतिम समयसीमा बेहद करीब है। यदि इस अवधि तक उनके वेवर आवेदन मंजूर नहीं होते, तो उन्हें कानूनी रूप से अपने देश वापस लौटना होगा। सीनेटर गिलिब्रैंड ने अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग से 15 जून तक लंबित आवेदनों की स्पष्ट संख्या और उन्हें निपटाने की समयसीमा से जुड़ी जानकारी मांगी है, ताकि इस कूटनीतिक और स्वास्थ्य संकट को समय रहते टाला जा सके। वीरेंद्र/ईएमएस 04 जून 2026