अंतर्राष्ट्रीय
04-Jun-2026
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-रिवोल्यूशनरी गार्ड का है कब्जा, अमेरिकी सेना ने किए थे इस द्वीप पर हमले वाशिंगटन,(ईएमएस)। मिडल ईस्ट में तनाव एक बार फिर अपने चरम पर है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी संघर्षविराम उस समय खतरे में पड़ गया, जब अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद अहम क़ेशम द्वीप पर हमले किए। इस अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने भी मिसाइलों और ड्रोनों की बारिश कर दी। हालांकि दोनों पक्षों के अधिकारी कूटनीतिक बातचीत के जरिए संघर्ष को खत्म करने की कोशिशों कर रहे हैं, लेकिन इस नई शत्रुता ने पूरी वार्ता को पटरी से उतारने का जोखिम पैदा कर दिया है। बता दें केशम द्वीप होर्मुज़ के मुहाने पर स्थित है, जो दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट्स में से एक है। इस जलडमरूमध्य से वैश्विक एलएनजी व्यापार का करीब 20 फीसदी और समुद्री मार्ग से होने वाले तेल शिपमेंट का करीब 25 फीसदी हिस्सा गुजरता है, जिससे यह अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों के लिए अत्यंत अहम बन जाता है। अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण, ईरान केशम पर तैनात सैन्य संपत्तियों का उपयोग करके इस जलमार्ग से होने वाली जहाजों की आवाजाही पर काफी प्रभाव डाल सकता है। यह जलमार्ग इराक, कुवैत, बहरीन और कतर जैसे देशों के लिए प्राथमिक समुद्री निर्यात मार्ग का काम करता है, और साथ ही यूएई के ऊर्जा निर्यात का भी एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। रिपोर्ट के मुताबिक सैन्य विश्लेषक अक्सर केशम को ईरान का न डूबने वाला विमानवाहक पोत बताते हैं, क्योंकि यहां व्यापक सैन्य बुनियादी ढांचा मौजूद है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने पूरे द्वीप पर भूमिगत मिसाइल सुविधाओं और रक्षात्मक ठिकानों का एक नेटवर्क तैयार किया है, जिसके कारण इसे ईरान का मिसाइल शहर नाम दिया गया है। इनमें भूमिगत सुरंग प्रणालियां शामिल हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि इनमें मिसाइल भंडारण और प्रक्षेपण स्थल हैं जो जहाज-रोधी बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को तैनात करने में सक्षम हैं। द्वीप पर नौसैनिक सुविधाएं भी हैं जिनका इस्तेमाल रॉकेट और नौसैनिक खदानों से लैस तीव्र-हमला नौकाओं द्वारा किया जाता है, जो खाड़ी में संचालित बड़ी पारंपरिक नौसैनिक सेनाओं को चुनौती देने के लिए डिज़ाइन की गई झुंड-शैली की रणनीति को सक्षम बनाती हैं। बता दें अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने शनिवार और रविवार को ईरान में गेरुक शहर के पास और केशम द्वीप पर हमले किए थे। इन हमलों में हवाई रक्षा प्रणालियों, एक ड्रोन ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो हमलावर ड्रोन को निशाना बनाया गया, जिनके बारे में कहा गया था कि वे इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही के लिए खतरा पैदा कर रहे थे। इस ऑपरेशन में एक सक्रिय रडार इंस्टॉलेशन और एक ड्रोन कमांड सुविधा को निष्क्रिय कर दिया गया। आरोप था कि इन सुविधाओं का इस्तेमाल खाड़ी देशों और व्यापारिक जहाजों के खिलाफ मिसाइल हमलों को समन्वित करने के लिए किया जाता था। सिराज/ईएमएस 04 जून 2026