बिलासपुर (ईएमएस)। शहर के श्री सुमुख गणेश मंदिर में गुरुवार को संकट चतुर्थी पर्व श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से लेकर रात तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही और दर्शन-पूजन के साथ प्रसाद वितरण किया गया। गणपति हवन, अभिषेक और सहस्त्रनाम अर्चना का हुआ आयोजन मंदिर में प्रात: 6 बजे से गणपति हवन प्रारंभ हुआ, जिसके बाद अभिषेक, अलंकार, सहस्त्रनाम अर्चना एवं आरती संपन्न हुई। सुबह के कार्यक्रम के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। वहीं शाम को पुन: अभिषेक, सहस्त्रनाम अर्चना और महाआरती का आयोजन किया गया। रात 10 बजे तक श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। 1976 से लगातार हो रही है संकट चतुर्थी पूजा मंदिर समिति के अनुसार संकट चतुर्थी पूजा की शुरुआत जनवरी 1976 में हुई थी। उस समय इस विशेष पूजा में केवल 56 श्रद्धालु शामिल होते थे। वर्ष 1980 में मंदिर में सभा मंडप के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई और वर्तमान में सैकड़ों भक्त इस पूजा में शामिल होकर भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। पूजा के लिए पहले से कराई जाती है बुकिंग मंदिर में संकट चतुर्थी पूजा की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी से दिसंबर तक की पूजा के लिए श्रद्धालु पहले से ही बुकिंग करा लेते हैं। कई परिवार अपनी बारी आने का इंतजार करते हैं ताकि वे इस विशेष पूजा में सहभागी बन सकें। संतान सुख और समृद्धि की कामना से की जाती है पूजा मान्यता है कि संकट चतुर्थी पर भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने से संतान की सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और जीवन में आने वाले संकटों का निवारण होता है। इसी आस्था के कारण हर माह आयोजित होने वाली इस पूजा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। मनोज राज 05 जून 2026