बिलासपुर (ईएमएस)। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर शहर स्थित श्री रानी सती दादी मंदिर में नवमी मंगल पाठ ग्रुप द्वारा विशेष धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। 1 जून से प्रारंभ हुआ यह मंगल पाठ प्रतिदिन शाम 4 बजे आयोजित किया जा रहा है, जो अमावस्या तिथि 15 जून तक निरंतर जारी रहेगा। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। भक्तों पर बरसती है दादी मां की कृपा मंदिर समिति से जुड़े श्रद्धालुओं के अनुसार श्री रानी सती दादी के मंगल पाठ से भक्तों को अन्न, धन, संतान सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पुरुषोत्तम मास में किए जाने वाले इस विशेष पाठ का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। महाभारत काल से जुड़ी है दादी मां की मान्यता धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत कालीन अभिमन्यु और उत्तरा का पुनर्जन्म तनधन और श्री नारायणी के रूप में हुआ था। तनधन की मृत्यु के बाद श्री नारायणी सती हो गईं और आगे चलकर वे श्री रानी सती दादी के रूप में प्रसिद्ध हुईं। झुंझुनू स्थित उनका धाम देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। अमावस्या और नवमी की ज्योत के साथ विशेष महत्व श्रद्धालुओं का मानना है कि अमावस्या और नवमी की ज्योत के साथ किए जाने वाले मंगल पाठ से दादी मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसी मान्यता के चलते पुरुषोत्तम मास में 15 दिनों तक लगातार यह आयोजन किया जा रहा है। मनोज राज 05 जून 2026