अंतर्राष्ट्रीय
05-Jun-2026
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-प्रस्तावित फीस उन सेवाओं के लिए होगी जो ईरान-ओमान मिलकर मुहैया कराएंगे तेहरान,(ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन इस बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नई बहस छिड़ गई है। ईरान ने संकेत दिया है कि वह अब जहाजों से सीधे टोल या ट्रांजिट टैक्स नहीं वसूलेगा। इसके बजाय वह ओमान के साथ मिलकर एक ऐसी व्यवस्था लागू करेगा जिसके तहत जहाजों से नेविगेशन, सुरक्षा और अन्य सेवाओं के बदले फीस ली जाएगी। ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि उनका देश किसी जहाज से गुजरने के अधिकार के बदले फीस नहीं लेना चाहता है। उन्होंने साफ किया कि प्रस्तावित फीस उन सेवाओं के लिए होगी जो ईरान और ओमान मिलकर मुहैया कराएंगे। इनमें नेविगेशन सपोर्ट, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, समुद्री सुरक्षा और प्रदूषण की स्थिति में पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवाएं शामिल हैं। गरीबाबादी का कहना है कि होर्मुज पूरी तरह ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में है। इसलिए दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत इसके प्रबंधन का अधिकार हासिल है। उन्होंने यह भी माना कि नई व्यवस्था सभी देशों को पसंद नहीं आएगी, लेकिन इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। बता दें मई 2026 में ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसमें कुछ जहाजों, खासकर अमेरिका और इजराइल से जुड़े तेल टैंकरों पर 20 लाख डॉलर तक का ट्रांजिट शुल्क लगाने की बात कही थी। इस प्रस्ताव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई। इसके बाद ईरान ने अपने रुख में बदलाव किया। अब तेहरान का कहना है कि यह टोल सिस्टम नहीं होगा, बल्कि सेवाओं के बदले लिया जाने वाला शुल्क होगा। बता दें जंग शुरू होने से पहले हर दिन 120 से 140 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते थे। इनमें करीब आधे तेल टैंकर होते थे, जो रोजाना करीब 2 करोड़ बैरल तेल लेकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचते थे, लेकिन मौजूदा तनाव के बाद इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है। ईरान के मुताबिक हाल के दिनों में सिर्फ चुनिंदा जहाजों को ही गुजरने की इजाजत दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जंग शुरू होने के बाद कुछ जहाजों से 20 लाख डॉलर तक की रकम भी वसूली गई है और यह रकम चीनी करेंसी युआन में वसूली गई थी। इस बीच ईरान ने पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी नाम की नई संस्था भी बनाई है, जो होर्मुज स्ट्रेट में होने वाली गतिविधियों की निगरानी करेगी और रियल टाइम अपडेट जारी करेगी। पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी का गठन पिछले महीने ही ईरान ने किया था। इसे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ा संगठन बताते हुए अमेरिका ने इसे प्रतिबंधों की लिस्ट में डाल दिया। अमेरिकी वित्त मंत्रालय का आरोप है कि यह वित्तीय मोर्चे के रूप में काम कर रहा है और इससे मिलने वाला राजस्व सीधे उसके सैन्य अभियानों को फंड करता है। इसी आधार पर अमेरिका ने 27 मई 2026 को पीजीएसए पर आतंकवाद-रोधी प्रतिबंध लगा दिए। इसके साथ ही शिपिंग कंपनियों, बीमा फर्म और बैंक इसके साथ लेन-देन करती है तो उनपर कार्रवाई की जाएगी। ओमान इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभा रहा है। अमेरिका का करीबी सहयोगी होने के बावजूद ओमान ने ईरान के साथ संवाद बनाए रखा है। मस्कत का कहना है कि वह किसी टोल व्यवस्था का समर्थन नहीं कर रहा, बल्कि ऐसा ढांचा चाहता है जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन की गाइडलाइंस के अनुरूप हो। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान का नया प्रस्ताव वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और अमेरिका-ईरान वार्ता का एक अहम हिस्सा बन गया है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि यह नेविगेशनल फीस वास्तव में सेवा शुल्क साबित होती है या फिर टोल सिस्टम की नई पैकेजिंग। सिराज/ईएमएस 05जून26