अंतर्राष्ट्रीय
13-Jun-2026
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कराची,(ईएमएस)। भारत के खिलाफ अपनी रणनीतियों के लगातार विफल होने और संभावित गंभीर परिणामों का एहसास होने के बाद, पाकिस्तान में अब नई सोच उभर रही है। पाकिस्तानी विशेषज्ञ अपने सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को भारत से सीधे टकराव से बचने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि उन्हें समझ आ गया है कि भारत को घायल करने की कोई भी चाल अब उन पर ही भारी पड़ेगी। पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार नजम सेठी ने हाल ही में इस बदलते रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यह बहुत बचकाना होगा कि किसी एक हमले के जवाब में पाकिस्तान अपने लड़ाकू विमान भारत पर हमला करने भेज दें। सेठी ने भारत पर अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाकर सुझाव दिया कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान को डोजियर तैयार करने की सलाह दी, जिसमें भारत द्वारा अफगानिस्तान के माध्यम से आतंकवाद को बढ़ावा देने के सबूत शामिल हों। सेठी का मानना है कि आज जो माहौल है, उसके अंदर यह बहुत बड़ा मुद्दा बन सकता है और विश्व की राजधानियों में यह बात गूंजनी चाहिए। उनका दावा था कि भारत के साथ दुनिया का रोमांस अब खत्म हो रहा है, जिससे पाकिस्तान की बात सुनने के लिए वैश्विक समुदाय अधिक तैयार होगा। हालांकि, सेठी ने भारत के साथ सीधे युद्ध के प्रति आगाह किया, क्योंकि उनके अनुसार इससे पाकिस्तान पर बहुत जल्दी परमाणु दबाव आ जाएगा। उन्होंने पाकिस्तान की परमाणु नीति का जिक्र कर कहा कि इसमें स्पष्ट है कि यदि पाकिस्तान के अस्तित्व को खतरा होता है, तब वह परमाणु विकल्प का इस्तेमाल करेगा। सेठी ने तर्क दिया कि यही कारण है कि पाकिस्तान ने कभी भी पहले परमाणु हथियार का उपयोग न करने की नीति को नहीं अपनाया, जबकि दुनिया के अन्य परमाणु शक्तियों ने इस स्वीकार किया है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पाकिस्तान की बार-बार की परमाणु धमकी दरअसल भारत के साथ संभावित युद्ध में अपनी निश्चित हार के डर को दर्शाती है। आशीष दुबे / 12 जून 2026