क्षेत्रीय
05-Jun-2026
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फतेहपुर (ईएमएस)। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 05 जून से 21 जून 2026 तक संचालित होने वाले समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान के तहत विश्व पर्यावरण दिवस पर जनपद में एक पेड़ माँ के नाम अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के मुंशी प्रेमचंद परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल, पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री कृष्णा पासवान, भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव, जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स तथा मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने पौधरोपण कर किया। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए गए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। मुंशी प्रेमचंद सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के आह्वान पर प्रत्येक नागरिक को “एक पेड़ माँ के नाम” अवश्य लगाना चाहिए तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन एवं प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्षारोपण से न केवल पर्यावरण संतुलन बना रहेगा बल्कि भावी पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित होगा। उन्होंने लोगों से प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पारंपरिक एवं फलदार प्रजातियों के पौधों का रोपण अधिक से अधिक किया जाना चाहिए। वृक्ष प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि डायट प्रशिक्षुओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम अत्यंत प्रेरणादायक रहे। उन्होंने कहा कि पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं और नदियों को प्रदूषण से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण और उनका संरक्षण दोनों समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन की आवश्यकता ने वृक्षों के महत्व को सभी के सामने स्पष्ट कर दिया था। हमारे पूर्वजों ने वृक्ष लगाकर हमें स्वच्छ वातावरण और ऑक्सीजन की अमूल्य विरासत दी है, जिसे आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप 05 जून से 21 जून 2026 तक समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा। इस अवधि में आयोजित सभी कार्यक्रम प्लास्टिक मुक्त होंगे तथा सामाजिक संगठनों और जनसामान्य की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान डायट प्रशिक्षुओं ने पर्यावरण संरक्षण विषयक मॉडल प्रदर्शनी, पोस्टर प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, लघु नाटिका एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और वृक्षारोपण का संदेश दिया। अतिथियों ने प्रशिक्षुओं की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें पर्यावरण जागरूकता का प्रभावी माध्यम बताया। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, वृक्षों के संवर्धन एवं संरक्षण तथा स्वच्छ एवं हरित भविष्य के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन एवं वन्यजीव प्रभाग, जिला विकास अधिकारी, डायट प्राचार्या, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में डायट प्रशिक्षु उपस्थित रहे। शीबू खान/ ईएमएस 05 जून, 2026