- 1 करोड़ से अधिक का अनाज गायब, 10 लोगों पर एफआईआर दर्ज जबलपुर (ईएमएस)। जबलपुर में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक के बाद एक गेहूं उपार्जन में घोटाले सामने आ रहे है| जिले के मझौली क्षेत्र में 1 करोड़ 35 लाख 67 हजार 837 रुपये के गेहूं घोटाले का मामला जांच में उजागर हुआ है। इस मामलें में खरीदी केंद्र प्रभारी सहित 10 लोगों के खिलाफ मझौली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है| जांच में 5 हजार 168.70 क्विंटल गेहूं कम पाया गया| पोर्टल में फर्जी एंट्री कर दी गई थी। जांच में खुला बड़ा फर्जीवाड़ा............. भूमि ग्राम संगठन हटौली के खरीदी केंद्र क्रमांक-1, अन्नपूर्णा वेयरहाउस पिपरिया टगर में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं के भौतिक सत्यापन के दौरान भारी अनियमितताएं उजागर हुईं। रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र पर 48 हजार 347.07 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था, जबकि मौके पर मात्र 43 हजार 179.01 क्विंटल गेहूं ही मिला। जांच में 5 हजार 168.70 क्विंटल गेहूं का कोई हिसाब नहीं मिला। कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी एवं नोडल अधिकारी विजेश कुमार जाटव की शिकायत पर मझौली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। फर्जी किसानों की फौज कर दिखाई खरीदी.............. जांच रिपोर्ट के अनुसार कई किसानों के नाम पर पोर्टल में खरीदी दर्ज कर ली गई, जबकि वे गेहूं लेकर केंद्र पहुंचे ही नहीं थे। आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों ने फर्जी खरीदी रसीदें तैयार कर सरकारी धन का गबन किया। तौल प्रक्रिया में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई। किसानों से निर्धारित मात्रा से अधिक गेहूं लिया गया और रिकॉर्ड में कम दर्शाया गया। शिकायतों के अनुसार किसानों से तौल पर्ची जारी करने और तौल कराने के नाम पर अवैध वसूली भी की गई। भंडारण व्यवस्था में भारी लापरवाही........... जांच दल को करीब 300 क्विंटल गेहूं वेयरहाउस के बाहर बोरियों में रखा मिला, जबकि 1 हजार 441.50 क्विंटल गेहूं खुले में ढेर के रूप में पाया गया। इससे खरीदी केंद्र की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठे हैं। प्रशासनिक उदासीनता भी सामने आई ............. बताया गया है कि 18 मई को हुई उपार्जन समिति की बैठक में अनियमितताओं की जानकारी सामने आने के बावजूद केंद्र प्रभारी को नहीं हटाया गया। नोडल अधिकारी को भी नियमानुसार कार्यभार नहीं सौंपा गया। जांच में दस्तावेजों को छिपाने और अधिकारियों को सहयोग नहीं करने की बात भी सामने आई है। इन धाराओं में मामला दर्ज ............. मझौली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 316(2) (आपराधिक न्यासभंग), 316(5) (लोक सेवक द्वारा न्यासभंग), 318(2) (धोखाधड़ी) तथा 3(5) (समान आशय) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ये हैं आरोपी............. पुलिस ने केंद्र प्रभारी रीना लोधी, संगठन अध्यक्ष मसूरी लोधी, कंप्यूटर ऑपरेटर शुभम बर्मन सहित प्रमोद कुमार मिश्रा, प्रकाश पाण्डेय, आनंद भारतसाकले, अमन पाण्डेय, आकाश पाण्डेय, अनिल पटेल और रिंकू साहू को आरोपी बनाया है। बारदानों में भी गड़बड़ी.............. जांच के दौरान बारदानों के उपयोग में भी अनियमितता पाई गई। रिकॉर्ड और वास्तविक उपयोग में भारी अंतर मिला, जिससे गेहूं की हेराफेरी की आशंका और मजबूत हो गई है। कई किसानों के पूरे विवरण, मोबाइल नंबर और हस्ताक्षर भी रजिस्टर में दर्ज नहीं मिले। किसानों में आक्रोश.......... घोटाले के खुलासे के बाद क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है। किसानों का आरोप है कि उनके साथ तौल में धोखाधड़ी की गई और कई मामलों में बिना गेहूं लाए ही खरीदी दर्ज कर दी गई। किसानों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और नुकसान की भरपाई की मांग की है। सभी खरीदी केंद्रों की होगी जांच.......... मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिले के अन्य खरीदी केंद्रों की भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने दस्तावेज, रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। ..../ ईएमएस / 05 जून 2026