- खामियों के बावजूद सिर्फ नोटिस देकर बचा प्रशासन - गुलमोहर से घरेलू सिलेंडर, मिडटाउन से एक्सपायरी खाद्य सामग्री जब्त बालाघाट (ईएमएस). दिल्ली के होटल हादसे के बाद भले ही प्रशासन सतर्क होने का दावा कर रहा हो, लेकिन शहर के होटलों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शुक्रवार को हुई जांच में दो प्रमुख होटलों में गंभीर खामियां सामने आईं, लेकिन कार्रवाई के बजाय केवल सुधार के निर्देश देकर प्रशासन ने सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक अमले ने शुक्रवार को नगर के होटल गुलमोहर और मिडटाउन होटल की आकस्मिक जांच की। जांच के दौरान दोनों होटलों में सबसे बड़ी खामी यह पाई गई कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग से इमरजेंसी एग्जिट दरवाजे तक नहीं हैं। यानी आग या अन्य दुर्घटना की स्थिति में लोगों की जान सीधे खतरे में पड़ सकती है। मिडटाउन होटल में सुरक्षा इंतजामों की हालत और भी चिंताजनक मिली। यहां अग्निशमन यंत्रों की स्थिति खराब पाई गई, कई उपकरणों की अवसान तिथि समाप्त हो चुकी थी। लिफ्ट में सुरक्षा अलार्म नहीं था और किचन में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। वहीं होटल गुलमोहर में भी अनियमितताएं उजागर हुईं। यहां से घरेलू गैस सिलेंडर बरामद कर जब्त किया गया, जो व्यावसायिक उपयोग के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित है। दूसरी ओर मिडटाउन होटल से एक्सपायरी डेट के खाद्य पदार्थ भी मिले, जो सीधे लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। कार्रवाई नहीं, सिर्फ चेतावनी! इतनी गंभीर खामियों के बावजूद प्रशासन ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। होटल संचालकों को केवल 7 दिन में सुधार करने का समय दिया गया है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। एसडीएम को सौंपी जाएगी रिपोर्ट अतिरिक्त तहसीलदार छबि पंत ने बताया कि जांच में पाई गई कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेज भी मांगे गए हैं और पूरी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी। आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तय होगी। उन्होंने कहा कि पाई गई खामियों को जल्द सुधारना होगा, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में शहर के अन्य होटल, लॉज और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। भानेश साकुरे / 05 जून 2026