मनोरंजन
06-Jun-2026
...


मुंबई (ईएमएस)। बॉलीवुड फिल्म ‘रॉकस्टार’ उन चुनिंदा फिल्मों में गिनी जाती है, जिन्हें आज भी दर्शक बेहद पसंद करते हैं। निर्देशक इम्तियाज अली की वर्ष 2011 में रिलीज हुई इस फिल्म ने रणबीर कपूर के करियर को नई ऊंचाई दी थी। अब फिल्म रिलीज होने के कई वर्षों बाद इम्तियाज अली ने इसके एक चर्चित दृश्य का अर्थ विस्तार से समझाया है। फिल्म के एक यादगार दृश्य में जॉर्डन का किरदार निभा रहे रणबीर कपूर बाथटब में बैठे दिखाई देते हैं, जबकि उनके सामने उनका गिटार जल रहा होता है। यह दृश्य लंबे समय से दर्शकों के बीच चर्चा का विषय रहा है। हाल ही में एक बातचीत के दौरान इम्तियाज अली ने इस दृश्य के पीछे छिपे भावनात्मक और प्रतीकात्मक अर्थ को साझा किया। उन्होंने बताया कि जॉर्डन के लिए गिटार केवल एक वाद्य यंत्र नहीं है, बल्कि एक पवित्र प्रतीक की तरह है। कहानी में वह अपने जीवन की गलतियों के कारण अपने प्यार को खो चुका होता है और गहरे मानसिक दर्द से गुजर रहा होता है। ऐसे समय में वह अपने भीतर किसी भावना को महसूस करने की कोशिश कर रहा है। जलते हुए गिटार को देखना उसी मानसिक स्थिति का प्रतीक है, जिसमें वह दर्द को दोबारा महसूस करना चाहता है। इम्तियाज अली के अनुसार, जॉर्डन उस मुकाम पर पहुंच चुका है जहां उसकी संवेदनाएं लगभग खत्म हो चुकी हैं। उन्होंने उसकी स्थिति की तुलना ऐसे व्यक्ति से की, जो किसी नशे का आदी हो और समय के साथ उसे पहले जैसी अनुभूति पाने के लिए अधिक तीव्र अनुभवों की जरूरत पड़ने लगे। जॉर्डन भी अपने भीतर की सुन्नता को तोड़ना चाहता है, लेकिन ऐसा करने में असमर्थ दिखाई देता है। निर्देशक ने बताया कि बाथटब में बैठा जॉर्डन स्वयं को जगाने की कोशिश कर रहा है। वह अपने सामने जलते हुए गिटार को देख रहा है ताकि उसके भीतर कोई भाव जाग सके। वह खुद को सजा देना चाहता है, अपने दर्द को महसूस करना चाहता है, लेकिन उसकी भावनात्मक स्थिति इतनी जटिल हो चुकी है कि वह कुछ भी महसूस नहीं कर पा रहा। जब इम्तियाज अली से दृश्य में पानी और आग के एक साथ इस्तेमाल के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह दो विपरीत तत्वों के टकराव का प्रतीक है। सुदामा/ईएमएस 06 जून 2026