वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत रही जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार नई दिल्ली,(ईएमएस)। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितताओं और चुनौतियों के बीच भारत ने एक बार फिर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर शानदार 7.7 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसके साथ ही, इस वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था की रफ्तार और अधिक बढ़कर 7.8 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई। भारत के इस शानदार आर्थिक प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्रियों ने देश की आर्थिक प्रगति, दूरदर्शी नीतियों और सुदृढ़ आधारशिला की सराहना की है। देश की इस आर्थिक मजबूती पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह शानदार विकास दर भारत की बढ़ती ताकत और उस ठोस बुनियाद को दर्शाती है, जिसे पिछले 12 वर्षों में रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म (सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन) के मंत्र के जरिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां आज दुनिया के कई बड़े देश आर्थिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं, वहीं भारत स्थिरता और ऊंचे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके राष्ट्र-निर्माण के प्रति समर्पण, इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्यमिता पर विशेष ध्यान देने के कारण ही आज भारत वैश्विक स्तर पर एक सम्मानित और आत्मनिर्भर आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। विकास की यह गति विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के साथ ही 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं को नए अवसर प्रदान कर रही है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जीडीपी के इन आंकड़ों पर बेहद खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए दूरदर्शी आर्थिक सुधारों ने देश की समृद्धि को एक निरंतर और अटूट गति प्रदान की है। गृह मंत्री ने रेखांकित किया कि वैश्विक महामारी और युद्ध जैसी अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बावजूद भारत ने जो 7.7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है, वह सभी प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले सबसे बेहतर प्रदर्शन है। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि पिछले 12 वर्षों में देश की आर्थिक नीतियों ने कितनी गहराई और मजबूती हासिल की है। मोदी सरकार की सटीक नीतियों ने न केवल देश को हर वैश्विक संकट से सुरक्षित बाहर निकाला है, बल्कि इसे विकास के पथ पर भी शीर्ष पर बनाए रखा है। वैश्विक मंदी के इस दौर में भारत का यह प्रदर्शन देश की आर्थिक स्थिरता, विश्वसनीयता और टिकाऊपन की एक बेमिसाल कहानी बयां करता है। वीरेंद्र/ईएमएस/06जून2026