राष्ट्रीय
06-Jun-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं को लेकर जारी विवादों और तकनीकी चुनौतियों का असर अब उच्च शिक्षा संस्थानों पर दिखाने लगा है। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया फिर विलंबित होने की आशंका है, क्योंकि विश्वविद्यालय कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी) के परिणाम घोषित होने का इंतजार कर रहा है। इस स्थिति ने शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों के बीच शैक्षणिक कैलेंडर के लगातार प्रभावित होने को लेकर चिंता बढ़ी है। दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, स्नातक प्रवेश प्रक्रिया सीयूईटी-यूजी के परिणाम आने के बाद ही शुरू होगी। डीयू की डीन ऑफ एडमिशन हनीत गांधी ने कहा कि विश्वविद्यालय अनावश्यक देरी से बचने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर रहा है, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत परीक्षा परिणामों पर निर्भर करेगा। इसके पहले संकेत दिए थे कि पंजीकरण प्रक्रिया मई के 3 सप्ताह में शुरू हो सकती है, लेकिन परिस्थितियां बदलने के कारण यह संभव नहीं हुआ। दरअसल, इस वर्ष सीयूईटी-यूजी परीक्षा तकनीकी बाधाओं से प्रभावित रही। 30 मई को तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा संचालन में व्यवधान आया, इसकारण राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा। प्रभावित 3,700 से अधिक अभ्यर्थियों के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्णय हुआ। इसी वजह से परिणाम जारी होने की समय-सीमा भी आगे खिसक गई है। शिक्षकों का मानना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। 2022 में सीयूईटी लागू होने के बाद से डीयू का शैक्षणिक कैलेंडर लगातार प्रभावित होता रहा है। वर्ष 2025 में भले ही कक्षाएं 1 अगस्त से शुरू हो गई थीं, लेकिन सितंबर के अंत तक प्रवेश और मॉप-अप राउंड चलते रहे, इससे अनेक छात्र सत्र शुरू होने के कई सप्ताह बाद कक्षाओं से जुड़े। इसी तरह 2024 में भी परिणामों में देरी के कारण शैक्षणिक सत्र 29 अगस्त से शुरू हुआ था और प्रवेश प्रक्रिया अक्टूबर तक खिंची थी। एक प्रोफेसर ने कहा कि एनटीए की कार्यप्रणाली को लेकर छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कक्षा 12 के अंकों के आधार पर प्रवेश की पुरानी व्यवस्था पर पुनर्विचार की जरूरत जाहिर की। वहीं, किरोड़ीमल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर का कहना है कि सीयूईटी के कारण विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों पर नियंत्रण खोता जा रहा है। उनके अनुसार, हर वर्ष प्रवेश प्रक्रिया में अनिश्चितता बढ़ रही है, जिससे न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों की शैक्षणिक योजना भी प्रभावित हो रही है। आशीष दुबे / 06 जून 2026