06-Jun-2026
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लखनऊ,(ईएमएस)। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा है कि प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज निश्चित रूप से युवाओं को धर्म और आध्यात्मिकता से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि आज कई चर्चित हस्तियां, जिसमें क्रिकेटर विराट कोहली भी शामिल हैं, प्रेमानंद महाराज के पास मार्गदर्शन लेने पहुंचे हैं, जिससे युवाओं में भी धर्म के प्रति रुचि बढ़ रही है। लखनऊ में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान रामभद्राचार्य ने सनातन धर्म, रामराज्य और संन्यासियों की भूमिका पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि किसी भी संन्यासी का मूल धर्म साधना करना और समाज को सही दिशा देना होता है। राजनीति को मार्गदर्शन देना संतों का दायित्व हो सकता है, लेकिन सक्रिय राजनीति करना उनका कार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई लोग राजनीति की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जबकि संन्यासियों को अपने आध्यात्मिक कर्तव्यों पर केंद्रित रहना चाहिए। हालांकि, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक अपवाद बताकर कहा कि वे राजर्षि की भूमिका में कार्य कर रहे हैं और जनहित में अच्छा काम कर रहे हैं। रामभद्राचार्य ने रामराज्य की अवधारणा पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि रामराज्य का मूल भाव आपसी प्रेम, सामाजिक समरसता और कर्तव्य पालन में निहित है। उनके अनुसार, ऐसा समाज होना चाहिए जहां कोई किसी के अधिकारों का हनन न करे और सभी अपने धर्म एवं जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करें। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से भी भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनना चाहिए। देश को आयात पर निर्भर रहने के बजाय निर्यातक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ना चाहिए। यही वास्तविक अर्थों में रामराज्य की परिकल्पना है। आशीष दुबे / 06 जून 2026