व्यापार
06-Jun-2026


-60 हजार डॉलर से नीचे फिसला; निवेशकों का भरोसा डगमगाया नई दिल्ली,(ईएमएस)। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में गिरावट का सिलसिला जारी है। शनिवार को बिटकॉइन अक्टूबर 2024 के बाद पहली बार 60,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे पहुंच गया। सुबह के कारोबार में इसमें करीब 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसकी कीमत 59,101 डॉलर तक फिसल गई। बाद में इसमें कुछ सुधार देखने को मिला और यह 59,743 डॉलर के आसपास कारोबार करता रहा। बिटकॉइन की मौजूदा गिरावट इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह अक्टूबर 2025 में बने अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर 1.26 लाख डॉलर से अब आधे से भी कम रह गया है। पिछले आठ महीनों में निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई है और बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार क्रिप्टोकरेंसी बाजार पर दबाव का सबसे बड़ा कारण निवेशकों की बदलती प्राथमिकताएं हैं। हाल के महीनों में बड़ी संस्थागत पूंजी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रक्षा, ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की ओर शिफ्ट हुई है। इसके चलते क्रिप्टो बाजार से लगातार धन निकासी देखी जा रही है। इसके अलावा सोने और एआई आधारित कंपनियों के शेयरों में बढ़ती रुचि ने भी बिटकॉइन जैसे डिजिटल एसेट्स की मांग को प्रभावित किया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर बदले हुए अनुमान भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। निवेशकों का मानना है कि उच्च ब्याज दरों का माहौल जोखिम वाले निवेश विकल्पों पर दबाव बढ़ाता है, जिसका असर क्रिप्टोकरेंसी पर भी दिखाई दे रहा है। बाजार विश्लेषकों की नजर अब 60,000 से 62,000 डॉलर के दायरे पर टिकी हुई है, जिसे बिटकॉइन के लिए महत्वपूर्ण समर्थन स्तर माना जा रहा है। यदि यह स्तर बरकरार रहता है तो निवेशकों का भरोसा लौट सकता है, लेकिन इसके नीचे लगातार कारोबार होने पर गिरावट और गहरी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में निवेश प्रवाह, संस्थागत भागीदारी, वैश्विक आर्थिक हालात और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बिटकॉइन की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार में सतर्कता और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। हिदायत/ईएमएस 06जून26