ज़रा हटके
07-Jun-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। आमतौर पर विशेषज्ञ प्रतिदिन 7 से 9 घंटे की नींद लेने की सलाह देते हैं, लेकिन केवल घंटों की संख्या ही पर्याप्त नहीं होती। नींद का समय भी उतना ही महत्वपूर्ण है। स्लीप मेडिसिन विशेषज्ञ के अनुसार, शरीर की एक आंतरिक जैविक घड़ी होती है, जिसे सर्कैडियन रिदम कहा जाता है। यह शरीर को तय समय पर सोने और जागने के लिए संकेत देती है। अधिकांश लोगों के लिए यह प्राकृतिक चक्र रात लगभग 11 बजे से सुबह 7 बजे के बीच की नींद को सबसे उपयुक्त मानता है। यदि कोई व्यक्ति लगातार इस समय सीमा से बाहर सोता है, तो उसकी जैविक घड़ी प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्कैडियन रिदम केवल नींद को ही नियंत्रित नहीं करती, बल्कि हार्मोन के स्राव, शरीर के तापमान, ऊर्जा के स्तर और कोशिकाओं की मरम्मत जैसी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को भी प्रभावित करती है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति देर रात सोकर दिन में अपनी आठ घंटे की नींद पूरी भी कर ले, तब भी उसके शरीर की प्राकृतिक लय बाधित हो सकती है। शरीर के लिए केवल नींद की अवधि नहीं, बल्कि उसका सही समय भी मायने रखता है। लगातार देर से सोने की आदत स्वास्थ्य पर कई नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इससे हृदय संबंधी समस्याओं और उच्च रक्तचाप का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा शरीर की इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता कम हो सकती है, जिससे मधुमेह का खतरा बढ़ने लगता है। शोधों के अनुसार, शरीर के अनेक जैविक जीनों की सामान्य कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो सकती है। साथ ही अवसाद, तनाव और चिंता जैसी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, नींद का समय सुधारने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं। सुबह जागने के एक से दो घंटे के भीतर कम से कम 30 मिनट तक प्राकृतिक धूप लेना लाभदायक माना जाता है। यह शरीर की जैविक घड़ी को रीसेट करने में मदद करता है। इसके अलावा सोने के निर्धारित समय से दो से तीन घंटे पहले घर की रोशनी को कम कर देना चाहिए, ताकि शरीर को आराम का संकेत मिल सके। नींद की दिनचर्या सुधारने के लिए रोजाना एक निश्चित समय पर जागने की आदत भी महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सप्ताहांत में भी जागने का समय नहीं बदलना चाहिए। नियमित दिनचर्या और सही समय पर सोने की आदत न केवल बेहतर नींद दिलाती है, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने में मदद करती है। बता दें कि स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम जितने जरूरी हैं, उतनी ही महत्वपूर्ण अच्छी नींद भी मानी जाती है। जब व्यक्ति सोता है, तब शरीर खुद की मरम्मत करता है और मस्तिष्क दिनभर की जानकारियों को व्यवस्थित करने का काम करता है। सुदामा/ईएमएस 07 जून 2026