- खेल के मैदानों का रिपोर्ट कार्ड मांगेगा शिक्षा विभाग - एसोसिएशन ने गिनाईं कमियां- 9000 स्कूलों में पीई टीचर ही नहीं चेन्नई (ईएमएस)। तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा विभाग ने छात्रों के शारीरिक विकास और खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए शारीरिक शिक्षा (पीई) यानी फिजिकल एजुकेशन की कक्षाएं अनिवार्य रूप से संचालित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही, विभाग ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) और जिला शिक्षा अधिकारियों से उन स्कूलों की पूरी सूची मांगी है, जहाँ खेल के मैदानों का पूरा उपयोग नहीं किया जा रहा है। यह सख्त निर्देश हाल ही में स्कूल शिक्षा सचिव बी. चंद्र मोहन की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद जारी किए गए हैं। विभाग ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने की हिदायत दी है कि खेलों में विशेष रुचि रखने वाले होनहार छात्रों के लिए अलग से विशेष प्रशिक्षण कक्षाएं आयोजित की जाएं। स्कूल शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कक्षा 6 से 12 तक के टाइम-टेबल में पीई की कक्षाएं पहले से ही तय हैं, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि अन्य विषयों (मुख्य विषयों) के शिक्षक अपने कोर्स को पूरा करने के लिए इन खेल के पीरियड्स को ले लेते हैं। विभाग ने साफ किया है कि ऐसी गतिविधियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और खेल के पीरियड्स में सिर्फ खेल ही होंगे। शारीरिक शिक्षा निदेशकों और शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को ट्रेनिंग देते समय विभाग द्वारा तय किए गए खेल पाठ्यक्रम का पूरी तरह पालन करें। गौरतलब है कि पिछले वर्ष विभाग ने इस पाठ्यक्रम के अनुरूप पीई शिक्षकों के लिए एक गाइडबुक भी जारी की थी, हालांकि राज्यभर के कई पीई शिक्षकों की यह शिकायत है कि उन्हें अब तक इसकी हार्ड कॉपी (किताब) नहीं मिल सकी है। दूसरी तरफ, शारीरिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न संगठनों और संघों ने सरकार के इस फैसले का पुरजोर स्वागत किया है, लेकिन इसके साथ ही बुनियादी स्तर पर मौजूद कई गंभीर कमियों की ओर भी ध्यान खींचा है। तमिलनाडु फिजिकल एजुकेशन टीचर्स एंड फिजिकल डायरेक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एस. शंकरपेरुमल ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि राज्य के करीब 9,000 मिडिल स्कूलों में पीई शिक्षकों के पद ही स्वीकृत नहीं हैं। इसके अलावा, 500 से अधिक हाई स्कूलों में पीई टीचर मौजूद नहीं हैं और 3,500 से ज्यादा स्कूलों में फिजिकल डायरेक्टर ग्रेड-1 के अहम पद खाली पड़े हैं। उन्होंने आगे बताया कि करीब 2,900 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पद तो स्वीकृत हैं, लेकिन लंबे समय से उन पर नियुक्तियां नहीं हुई हैं। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार को फिजिकल एजुकेशन अनिवार्य करने के साथ-साथ इन खाली पदों को भी प्राथमिकता के आधार पर भरना चाहिए, ताकि इस नई खेल नीति को पूरी तरह और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। रामयश/ईएमएस 07 जून 2026