- लॉकर से मिले 2 करोड़ कैश और करोड़ों की बेनामी संपत्ति - पत्नी के लॉकर से उगल रहा कैश - नोट गिनने के लिए मंगानी पड़ीं मशीनें भुवनेश्वर (ईएमएस)। ओडिशा विजिलेंस ने भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कंधमाल जिले के बालिगुड़ा स्थित आईटीडीए के सहायक कार्यपालक अभियंता बैकुंठनाथ बेहरा को गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस की ताबड़तोड़ छापेमारी में इंजीनियर के ठिकानों से करोड़ों रुपये की अघोषित संपत्ति का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। विजिलेंस की अलग-अलग टीमें अभी भी जांच में जुटी हुई हैं, जिसमें उनकी पत्नी के नाम पर एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में मौजूद बैंक लॉकरों को खंगाला जा रहा है। जांच के दौरान बैंक लॉकरों से करीब 2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की जा चुकी है, जिसकी गिनती के लिए बैंक मशीनों की मदद ली जा रही है। भुवनेश्वर स्थित विशेष विजिलेंस न्यायालय के आदेश पर शुरू हुए इस बड़े पैमाने के ऑपरेशन में 2 एडिशनल एसपी, 5 डीएसपी, 6 इंस्पेक्टर और भारी संख्या में विजिलेंस कर्मियों को लगाया गया था। जांच में अब तक 5 बहुमंजिला आलीशान मकान और 13 बेहद कीमती प्लॉट का पता चला है। इन जमीनों में से 7 प्लॉट भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर, नीलाद्रि विहार, शैलश्री विहार, बमिखाल और घाटिकिया जैसे बेहद महंगे इलाकों में हैं, जबकि 5 प्लॉट धर्मशाला और 1 बारीपदा में स्थित है। इसके अलावा खुर्दा-जटनी के नीलकंठपुर, जाजपुर और मयूरभंज में भी जमीन होने का खुलासा हुआ है। यही नहीं, एक रिश्तेदार के नाम पर करीब 2500 वर्गफुट का दो मंजिला मकान भी मिला है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, बैकुंठनाथ बेहरा ने साल 1999 में महज 6 हजार रुपये मासिक वेतन पर एक कनिष्ठ अभियंता के रूप में सरकारी नौकरी की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने करियर में नवरंगपुर, उदला और डाबूगांव समेत विभिन्न आईटीडीए कार्यालयों में सेवाएं दीं। साल 2016 में वे सहायक अभियंता बने और हाल ही में 12 फरवरी 2026 को उन्हें प्रमोट करके सहायक कार्यपालक अभियंता बनाया गया था। प्रमोशन मिलने के महज तीन महीने बाद ही विजिलेंस की इस कार्रवाई ने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मात्र 6 हजार की नौकरी से शुरू सफर में उनके और उनके रिश्तेदारों के नाम करोड़ों की संपत्ति देखकर अधिकारी भी हैरान हैं। तलाशी के दौरान चंद्रशेखरपुर स्थित उनके मुख्य आवास से दो बेशकीमती सोने की मूर्तियां, भारी मात्रा में स्वर्ण आभूषण और शुरुआती चरण में 2.66 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे, जिसके बाद लॉकरों से 2 करोड़ रुपये और मिले। अधिकारियों ने बैंक पासबुक, भारी निवेश से जुड़े दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड को पूरी तरह जब्त कर लिया है। शक है कि बेहरा ने अपनी काली कमाई को खपाने के लिए करीबियों का इस्तेमाल किया, इसीलिए मयूरभंज और जाजपुर में उनके रिश्तेदारों के घरों पर भी एक साथ दबिश दी गई है। फिलहाल विजिलेंस की टीमों द्वारा तमाम बेनामी संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन किया जा रहा है और बरामद दस्तावेजों के आधार पर आय से अधिक संपत्ति का पुख्ता मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। रामयश/ईएमएस 07 जून 2026