राज्य
07-Jun-2026


- कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी - पेड़ गिरने और दीवार ढहने से मलबे में दबे लोग - मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी तिरुवनंतपुरम (ईएमएस)। केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के रफ्तार पकड़ते ही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और बाढ़ से जुड़े हादसों में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। लगातार हो रही बारिश से सड़कें जलमग्न हैं, सैकड़ों पेड़ उखड़ गए हैं और कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कासरगोड जिले के पदन्नक्काड में सबसे अधिक 13 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने रविवार को त्रिशूर से कासरगोड तक सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट और बाकी हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के दौरान राज्य में कई दिल दहला देने वाले हादसे हुए। त्रिशूर के मनालूर में एक भारी-भरकम पेड़ अस्थायी शेड पर गिर गया, जिससे मलबे में दबकर 29 वर्षीय युवक की मौत हो गई। वहीं, कोझिकोड की कुट्टियाडी नदी में डूबने से मां-बेटे की जान चली गई। 36 वर्षीय रेम्या नदी किनारे कपड़े धो रही थीं, तभी उनका 7 वर्षीय बेटा शिवानंद पैर फिसलने से नदी में गिर गया। उसे बचाने के चक्कर में मां भी तेज बहाव में बह गई। कासरगोड के अधूर में एक और दर्दनाक वाकया हुआ, जहां बस स्टॉप के पास स्नैक स्टॉल चला रहे दो सगे भाइयों (14 वर्षीय मुसम्मिल और 9 वर्षीय मुंसिर) की एक मकान की रिटेनिंग वॉल गिरने से मलबे में दबकर मौत हो गई। इसके अलावा एर्नाकुलम के पट्टिमट्टोम में एक 21 वर्षीय युवक नबील की तालाब में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। बिगड़ते हालात और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए वायनाड जिला प्रशासन ने सभी खदानों और मिट्टी हटाने के कार्यों पर रोक लगा दी है, साथ ही पर्यटन स्थल भी बंद कर दिए गए हैं। आईएमडी के अनुसार, 6 से 9 जून के बीच केरल और माहे में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 10 जून तक 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। केंद्रीय जल आयोग ने मणिमाला नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंचने पर येलो अलर्ट जारी कर तटीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है। मछुआरों को भी 9 जून तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। रामयश/ईएमएस 07 जून 2026