जयपुर (ईएमएस)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत राजस्थान के चार शहरों- जयपुर, उदयपुर, अलवर एवं नाथद्वारा- द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 की तैयारियों एवं स्वच्छता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की समीक्षा की। उन्होंने नगर निकायों को स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को अधिक प्रभावी, परिणामोन्मुखी एवं जनसहभागिता आधारित बनाने के निर्देश दिए।सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में चारों शहरों द्वारा स्वच्छता प्रबंधन, कचरा संग्रहण, अपशिष्ट प्रसंस्करण, जनजागरूकता तथा नवाचार आधारित पहलों पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक पहल का डेटा आधारित विश्लेषण किया जाए तथा प्रस्तुतिकरण में कार्यों से प्राप्त परिणाम, लाभार्थियों की संख्या, शामिल मानव संसाधन और संरचित लाभ स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। उन्होंने उपलब्धियों को प्रभावी इन्फोग्राफिक्स के माध्यम से प्रस्तुत करने पर भी बल दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि वेस्ट-टू-वेल्थ की अवधारणा अत्यंत प्रभावी एवं भविष्य उन्मुख मॉडल है। नगर निकायों को अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, संसाधन पुनर्प्राप्ति तथा कचरे से आय सृजन के प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ करना चाहिए। उन्होंने सफल मॉडलों एवं नवाचारों को अन्य शहरों में भी अपनाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था, स्पष्ट रूप से निर्धारित कलेक्शन रूट्स, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा शहरों में दृश्य स्वच्छता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। अशोक शर्मा/ 4 बजे/ 7 जून 2026