- अग्रज नाट्य दल की कार्यशाला में वॉइस कल्चर पर विशेष सत्र बिलासपुर (ईएमएस)। अग्रज नाट्य दल द्वारा आयोजित 45 दिवसीय अभिनव एवं रंगमंच प्रशिक्षण कार्यशाला में शनिवार को वॉइस कल्चर विषय पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया। आकाशवाणी की कार्यक्रम अधिकारी एवं वॉइस कल्चर विषय में डॉक्टरेट प्राप्त विशेषज्ञ डॉ. सुप्रिया भारतीयन ने प्रशिक्षणार्थियों को आवाज की वैज्ञानिक संरचना, उसके विकास और प्रभावी उपयोग की बारीकियों से अवगत कराया। आवाज केवल संवाद नहीं, भावों की अभिव्यक्ति का माध्यम डॉ. सुप्रिया भारतीयन ने कहा कि अभिनय और मंचीय प्रस्तुति में आवाज सिर्फ संवाद बोलने का साधन नहीं, बल्कि भावनाओं और व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने श्वसन तंत्र, स्वरयंत्र और वोकल कॉड्र्स की कार्यप्रणाली को सरल ढंग से समझाते हुए बताया कि नियमित अभ्यास से आवाज को अधिक स्पष्ट और प्रभावशाली बनाया जा सकता है। प्राणायाम और वॉइस एक्सरसाइज से सिखाया स्वर नियंत्रण विशेष सत्र में प्रतिभागियों को सहजन (रेजोनेंस) और श्वसन तकनीकों के माध्यम से आवाज को बेहतर बनाने के उपाय बताए गए। योग, प्राणायाम और विभिन्न वॉइस एक्सरसाइज के जरिए स्वर नियंत्रण, स्पष्ट उच्चारण और आवाज की गूंज बढ़ाने के व्यावहारिक अभ्यास कराए गए। खुशी, दुख और क्रोध जैसे भावों के साथ किया संवाद अभ्यास डॉ. भारतीयन ने अभिनय में भावपूर्ण संवाद अदायगी के महत्व पर जोर देते हुए विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से बताया कि पात्र और परिस्थिति के अनुरूप आवाज का प्रयोग किस प्रकार किया जाना चाहिए। प्रतिभागियों ने खुशी, दुख, क्रोध, आश्चर्य, करुणा और उत्साह जैसे विभिन्न भावों के साथ संवाद बोलने का अभ्यास किया। योगेश स्मृति नाट्य महोत्सव में होगा प्रतिभाओं का प्रदर्शन कार्यशाला में शामिल युवाओं ने सत्र को बेहद उपयोगी बताया। गौरतलब है कि अग्रज नाट्य दल की 45 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला अपने मध्य चरण में है। इसका समापन 26 से 29 जून तक आयोजित होने वाले योगेश स्मृति नाट्य महोत्सव में प्रतिभागियों की नाट्य प्रस्तुतियों के साथ किया जाएगा, जहां युवा कलाकार अभिनय, वाणी और मंचीय कौशल का प्रदर्शन करेंगे। - 07 जून 2026