राष्ट्रीय
07-Jun-2026


नई दिल्ली(ईएमएस)। केंद्र सरकार ने दो बड़ी सरकारी कंपनियों - स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) को एक साल की ‘वॉचलिस्ट’ में डाल दिया है। ये कंपनियां ‘महारत्न’ का दर्जा बनाए रखने के लिए ज़रूरी मुख्य वित्तीय मानदंडों को पूरा करने में नाकाम रहीं। अगर ये दोनों सरकारी कंपनियां तय समय में अपने वित्तीय प्रदर्शन में सुधार नहीं कर पाती हैं, तो उन्हें ‘नवरत्न’ कंपनियों के दर्जे पर लाया जा सकता है। ‘महारत्न’ का दर्जा शुरू होने के बाद से ऐसा पहली बार होगा। दोनों कंपनियां पिछले तीन वर्षों के दौरान 5,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का औसत सालाना मुनाफा बनाए रखने की शर्त को पूरा करने में नाकाम रहीं। हालांकि, ये कंपनियां अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं, जैसे कि 25,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का औसत सालाना टर्नओवर, 15,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की नेट वर्थ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मौजूदगी; लेकिन उनका मुनाफा तय बेंचमार्क से कम रहा है। कैबिनेट सेक्रेटरी टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता वाली एक समिति ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के प्रदर्शन की समीक्षा की और सेल और भेल को नोटिस में रखने की सिफारिश की। विनोद उपाध्याय / 07 जून, 2026