- सड़क सुरक्षा व अतिक्रमण हटाने पर रहेगा विशेष फोकस मधुबनी, (ईएमएस)। राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं, अवैध अतिक्रमण और यातायात संबंधी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला में जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स का गठन किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश और राज्य सरकार के आदेश के आलोक में गठित इस समिति की अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे। समिति सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों की निगरानी, अतिक्रमण हटाने और दुर्घटना संभावित स्थलों के सुधार की दिशा में ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह समिति राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का कार्य करेगी. गठित टास्क फोर्स के अध्यक्ष जिलापधिकारी होंगे, जबकि पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। इसके अलावा सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, यातायात डीएसपी, एनएचएआई एवं पथ निर्माण विभाग के अधिकारी तथा जिला मोटर व्यवसायी संघ के प्रतिनिधि को भी समिति में स्थान दिया गया है। समिति के प्रमुख दायित्वों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध अतिक्रमण और अनाधिकृत निर्माण की पहचान कर उसे हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करना शामिल है. इसके साथ ही हाईवे सेफ्टी जोन में बिना एनओसी या लाइसेंस के संचालित गतिविधियों की निगरानी, अवैध पार्किंग पर नियंत्रण तथा दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) का चिन्हीकरण एवं सुधार भी समिति की जिम्मेदारी होगी।आदेश के अनुसार टास्क फोर्स प्रत्येक पखवाड़े समीक्षा बैठक आयोजित करेगी तथा कार्रवाई प्रतिवेदन तैयार कर जिला सड़क सुरक्षा समिति और राज्य सरकार को भेजेगी। समिति को 60 दिनों के भीतर अवैध संरचनाओं को हटाने और सड़क सुरक्षा संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का भी निर्देश दिया गया है। इसके अलावा हाईवे पर दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत उपलब्ध कराने के लिए एम्बुलेंस, रिकवरी क्रेन एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एनएचएआई के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। जिला परिवहन पदाधिकारी राम बाबू ने कहा कि टास्क फोर्स के गठन से सड़क सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम बन सकेगा। कार्तिक कुमार/संतोष झा- ०७ जून/२०२६/ईएमएस