-दोनों मुल्कों में जंग शुरू, मिडिल ईस्ट में फिर हाहाकार तेहरान(ईएमएस)। मध्य पूर्व में जारी तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सोमवार को ईरान के कई इलाकों में भीषण हवाई हमले किए। इस सैन्य कार्रवाई में ईरान के मध्य और पश्चिमी हिस्सों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है। इजरायली हमलों के बाद ईरान ने एहतियातन अपने सबसे प्रमुख हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। यह आक्रामक कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ने की आशंका बेहद बढ़ गई है, जबकि कुछ ही समय पहले तक यह माना जा रहा था कि दोनों पक्षों के बीच जल्द ही कोई समझौता हो सकता है। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, देश के प्रमुख शहरों इश्फाहान, तबरीज और राजधानी तेहरान में सिलसिलेवार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा, पश्चिम तेहरान के करज इलाके में भी भारी विस्फोट होने की खबरें हैं। इजरायल की सेना के प्रवक्ता ने इस अभियान की पुष्टि करते हुए कहा कि वायुसेना ने कुछ समय पहले ही पश्चिम और मध्य ईरान में स्थित चुनिंदा सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। इस जवाबी कार्रवाई के बाद ईरान ने तेहरान स्थित अपने मुख्य हवाई अड्डे, इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इन हमलों के कारण ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे अप्रत्यक्ष संघर्ष में एक स्थायी युद्धविराम तक पहुंचने की कोशिशों को गहरा झटका लगा है। सूत्रों के अनुसार, इस हमले से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की थी। उन्होंने नेतन्याहू से अपील की थी कि वे ईरान की तरफ से किए गए मिसाइल हमलों का जवाब न दें और संयम बरतें। इससे पहले रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि वह ईरान के साथ एक नए समझौते पर दस्तखत करने के बहुत करीब हैं, लेकिन वह ईरान पर अपनी परमाणु इच्छाओं को पूरी तरह से छोड़ने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी भी दी थी कि यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो ईरान को सैन्य रूप से बेहद सख्त परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने साफ किया कि शांति समझौता होने तक ईरान पर लगे प्रतिबंधों और उसकी फ्रीज की गई संपत्तियों के लेन-देन पर लगी रोक को नहीं हटाया जाएगा। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि यदि ईरान सही व्यवहार करता है, तो भविष्य में बातचीत के जरिए संपत्तियों को मुक्त करने पर विचार किया जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत रविवार को हुई, जब इजरायल ने दावा किया कि ईरान ने उस पर कई मिसाइलें दागी हैं। अप्रैल की शुरुआत में लागू हुए नाजुक युद्धविराम के बाद ईरान की ओर से किया गया यह पहला सीधा हमला था। इस मिसाइल हमले के बाद मध्यस्थों द्वारा युद्ध समाप्त करने के लिए किए जा रहे प्रयास और अधिक जटिल हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, इजरायल ने रविवार को दक्षिणी बेरूत के उपनगरों पर भी भीषण हमला किया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस पर कहा कि यह हमला चरमपंथी समूह हिजबुल्लाह द्वारा उत्तरी इजरायल में की गई बमबारी का जवाब था, जिसके तहत हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया। फिलहाल इस नए मोर्चे के खुलने से पूरे क्षेत्र में महायुद्ध का खतरा मंडराने लगा है। वीरेंद्र/ईएमएस/08जून2026