राज्य
08-Jun-2026


ठाणे, (ईएमएस)। ठाणे महानगरपालिका मुख्यालय के नगरविकास विभाग में सोमवार सुबह लगी भीषण आग से प्रशासनिक हलकों में भारी खलबली मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें नष्ट हो गई हैं। सबसे गंभीर दावा यह किया जा रहा है कि लगभग 200 करोड़ रुपये के ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलें आग की भेंट चढ़ गई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार सुबह मनपा के नगरविकास विभाग के कार्यालय से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। धुआं फैलते ही कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। अग्निशमन कर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक विभाग के अंदर रखी कई महत्वपूर्ण फाइलों और रिकॉर्ड को नुकसान पहुंच चुका था। बताया जा रहा है कि टीडीआर से जुड़े अनेक दस्तावेज, मंजूरी पत्र और अन्य सरकारी रिकॉर्ड इस आग में प्रभावित हुए हैं। इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। चूंकि जिन फाइलों के नष्ट होने की बात कही जा रही है उनका संबंध करोड़ों रुपये के विकास अधिकारों और निर्माण परियोजनाओं से है, इसलिए मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज आग में नष्ट हुए हैं तो इसके कारणों का पता लगाना बेहद जरूरी है। साथ ही यह भी जांच होनी चाहिए कि क्या इन दस्तावेजों की डिजिटल प्रतियां सुरक्षित हैं या नहीं। जानकारों का मानना है कि यदि संबंधित रिकॉर्ड पूरी तरह नष्ट हो गए हैं तो कई लंबित मामलों, विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है। इससे भविष्य में कानूनी और प्रशासनिक जटिलताएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। मनपा प्रशासन ने फिलहाल आग लगने के कारणों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए अग्निशमन विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां जांच कर रही हैं। घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। बहरहाल इस घटना ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में दस्तावेजों की सुरक्षा और डिजिटल बैकअप व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण मौजूद है। स्वेता/संतोष झा- ०८ जून/२०२६/ईएमएस