राष्ट्रीय
10-Jun-2026
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सामरिक और नागरिक मोर्चे पर भारत की बढ़ेगी ताकत नई दिल्ली(ईएमएस)। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ग्रेट निकोबार द्वीप पर अगले पांच वर्षों में एक भव्य ग्रीनफील्ड सुपर एयरपोर्ट बनकर तैयार हो सकता है। इस बेहद खास परियोजना को पिछले साल नवंबर में कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह कोई आम हवाई अड्डा नहीं होगा, बल्कि इसका संचालन पूरी तरह भारतीय नौसेना के हाथों में होगा। इस एयरपोर्ट का उपयोग नागरिक और सैन्य, दोनों ही उद्देश्यों के लिए समान रूप से किया जाएगा। यह ड्यूल-यूज एयरपोर्ट समंदर में भारत की समुद्री निगरानी क्षमता और ऑपरेशनल पहुंच को कई गुना मजबूत करने वाला है। इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके बनने से भारत को हिंद महासागर में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखने, सैन्य संसाधनों की तेज आवाजाही सुनिश्चित करने और किसी भी ऑपरेशन को तुरंत सपोर्ट देने की अचूक क्षमता मिलेगी। यह एयरपोर्ट अकेले नहीं बन रहा है, बल्कि ग्रेट निकोबार के ‘समग्र विकास’के लिए इसके साथ तीन अन्य बड़ी और आपस में जुड़ी परियोजनाएं भी पाइपलाइन में हैं, जिनमें एक इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, एक ग्रीनफील्ड टाउनशिप और एक एलएनजी आधारित पावर प्लांट शामिल है। इन चारों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर लगभग 81,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन द्वीपों के आसपास समुद्र में बड़े पैमाने पर ‘हाइड्रोकार्बन भंडार’(तेल और गैस) होने की भी प्रबल संभावना है, जो इस पूरे प्रोजेक्ट के आर्थिक महत्व को और ज्यादा बढ़ा देता है। भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो ग्रेट निकोबार द्वीप ‘सिक्स डिग्री चैनल’ से महज 40 किलोमीटर दूर है। यह वही संवेदनशील समुद्री रास्ता है जो अदन की खाड़ी से मलक्का जलडमरूमध्य तक फैला हुआ है। दुनिया का दो-तिहाई तेल परिवहन और आधा कंटेनर ट्रैफिक इसी रास्ते से होकर गुजरता है। हाल के दिनों में हिंद महासागर क्षेत्र में कई बाहरी शक्तियों ने अपनी सैन्य और आर्थिक दखल बढ़ाई है, जिसे देखते हुए यह सुपर एयरपोर्ट और पोर्ट प्रोजेक्ट दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक स्थिति को बेहद मजबूत करेगा। वर्तमान में इन विकास परियोजनाओं पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंटेनर पोर्ट पर समीक्षा पूरी हो चुकी है और कैबिनेट नोट का ड्राफ्ट वित्त मंत्रालय को भेजा जा चुका है। वहीं, पावर प्लांट की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार है, जिसे जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। कहां तक पहुंची बात ग्रेट निकोबार की इन विकास परियोजनाओं पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंटेनर पोर्ट (आईसीटीपी) पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रेजल कमेटी की समीक्षा पूरी हो चुकी है और कैबिनेट नोट का ड्राफ्ट वित्त मंत्रालय को भेज दिया गया है। टाउनशिप प्रोजेक्ट पर पिछले हफ्ते एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी की अहम बैठक हो चुकी है। एलएनजी आधारित पावर प्लांट की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार है, जिसे जल्द ही एनटीपीसी बोर्ड से मंजूरी मिल जाएगी। वीरेंद्र/ईएमएस 10 जून 2026