राष्ट्रीय
10-Jun-2026
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मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज होने पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल -भाजपा ने गुटबाजी को ठहराया जिम्मेदार नई दिल्ली,(ईएमएस)। मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। चुनाव आयोग के इस फैसले को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने भाजपा और आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि भाजपा ने इसे कांग्रेस की आंतरिक कलह का परिणाम बताया है। जानकारी के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन के चुनावी हलफनामे में वर्ष 2022 में हैदराबाद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) द्वारा जारी समन का उल्लेख नहीं किया गया था। भाजपा नेता राहुल कोठारी की शिकायत के बाद मामले की समीक्षा की गई और चुनाव आयोग ने उनका नामांकन रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। स्मृति ईरानी के हलफनामे का मु्द्दा उठा शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के पुराने चुनावी हलफनामों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विभिन्न चुनावों में शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी विसंगतियों के बावजूद उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई थी, जबकि मीनाक्षी नटराजन के मामले में कठोर रुख अपनाया गया। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी फैसले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न बताते हुए इसकी आलोचना की। सीएम रेड्डी ने अलोकतांत्रिक बताया तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने भी इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि यह कदम राज्यसभा में कांग्रेस की संभावित सीट कम करने की रणनीति का हिस्सा है। वेणुगोपाल बोले- सीट छीनने की साजिश कांग्रेस ने चुनाव आयोग के निर्णय को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे राजनीतिक दबाव में लिया गया फैसला बताया है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस की सीट छीनने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। विरोध स्वरूप दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन भी किया। इस दौरान जयराम रमेश, सचिन पायलट सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। विजयवर्गीय बोले- आरोप निराधार दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी ही इस विवाद की असली वजह है। उन्होंने दावा किया कि नामांकन से जुड़ी जानकारी कांग्रेस शासित राज्य तेलंगाना से सामने आई, जिससे आंतरिक असंतोष की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। राज्यसभा चुनाव से पहले उभरे इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है तथा चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हिदायत/ईएमएस 10जून26