कमलनाथ ने बीजेपी पर अलोकतांत्रिक तरीकों से सीट हथियाने का लगाया आरोप नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत निर्वाचन आयोग बुधवार को कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेगा। बैठक में मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र खारिज किए जाने पर कांग्रेस की आपत्तियों पर चर्चा की जाएगी। ईसीआई के सीनियर अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच बैठक दोपहर में नई दिल्ली में आयोग के हेडक्वार्टर में होनी है। बैठक के लिए कांग्रेस के अनुरोध को स्वीकार करते हुए, ईसीआई के सचिव अश्विनी कुमार मोहाल ने उन प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम भी मांगे जो बुधवार को ईसीआई ऑफिस जाने वाले हैं। इससे पहले मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले द्विवार्षिक चुनावों के लिए रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस की एकमात्र उम्मीदवार नटराजन के नॉमिनेशन पेपर खारिज कर दिए थे। पूर्व सीएम कमलनाथ ने बीजेपी पर अलोकतांत्रिक तरीकों से कांग्रेस की राज्यसभा सीट हथियाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल प्रशासनिक और प्रक्रियागत हथकंडों के जरिए कांग्रेस के अभियान को पटरी से उतारने की कोशिश कर रही है। कमलनाथ ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं ने विधानसभा परिसर में हंगामा करने से पहले जानबूझकर नटराजन के नॉमिनेशन को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की राज्यसभा सीट छीनने के लिए सभी राजनीतिक मानदंडों का उल्लंघन करने पर आमादा है। हालांकि, कांग्रेस ऐसे तरीकों से डरेगी नहीं, और बीजेपी को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ेगा। बता दें बीजेपी ने नटराजन के नॉमिनेशन फॉर्म पर आपत्ति जताई थी और आरोप लगाया था कि उन्होंने तेलंगाना की अदालत में लंबित एक मामले के बारे में जानकारी छिपाई थी। दर्ज की गई आपत्ति के मुताबिक पूर्व कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव ए श्रीलता ने नटराजन के खिलाफ चौथे अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नटराजन ने कुंभम शिवकुमार रेड्डी को राजनीतिक संरक्षण दिया, जिन पर श्रीलता ने छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी समेत गंभीर आरोप लगाए हैं। सीनियर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने बीजेपी की आपत्ति के आधारों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि नटराजन की उम्मीदवारी के बारे में गलत जानकारी फैलाई जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने बताया कि यह मामला सिर्फ एक नोटिस से जुड़ा है, जिसमें पूछा गया था कि उनसे और कई अन्य लोगों से 10 करोड़ रुपए के मुआवजे की वसूली की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। उनके मुताबिक नटराजन के वकील ने चुनाव कार्यालय में नोटिस का जवाब पहले ही जमा कर दिया था और इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। सिराज/ईएमएस 10जून26